छत्तीसगढ़ मानिकपुरी पनिका समाज: एकता की मिसाल, तीन संगठनों ने मिलकर बनाया नया संगठन


बेमेतरा टाइम्स  ! प्रमोद बालापीर धाम, रायपुर

छत्तीसगढ़ में मानिकपुरी पनिका समाज के तीन प्रमुख संगठनों—छत्तीसगढ़ मानिकपुरी पनिका समाज, प्रांतीय मानिकपुरी पनिका समाज, और पनिका समाज महासमिति ने आपसी मतभेदों को भुलाते हुए “एक समाज, एक संगठन” के सिद्धांत पर सहमति जताई। महादेव घाट स्थित प्रमोद बालापीर धाम में हुई बैठक में इन तीनों संगठनों ने मिलकर *“छत्तीसगढ़ पनिका समाज”* के नाम से एक नए संगठन का गठन किया।  

तीन संगठनों का ऐतिहासिक कदम

इस ऐतिहासिक बैठक में तीनों संगठनों के अध्यक्ष—गोकुल दास, ललितदास और सुमितदास महंत—ने एक स्वर में समाज की एकता और विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह नया संगठन समाज को नई दिशा देगा और नेतृत्व की पारदर्शी प्रक्रिया के लिए शीघ्र चुनाव कराए जाएंगे। यह पहल समाज में सुधार और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुट प्रयासों का प्रतीक है।  

नई समिति को व्यापक समर्थन

तीनों संगठनों की एकजुटता ने छत्तीसगढ़ में मानिकपुरी पनिका समाज के सदस्यों को उत्साहित कर दिया है। समाज के लोगों ने इसे एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि यह नई समिति समाज को संगठित और प्रगतिशील बनाने में मदद करेगी।  

विकास की नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि “छत्तीसगढ़ पनिका समाज” का गठन एक बड़ी उपलब्धि है। इससे समाज में न केवल नेतृत्व की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी प्रगति के नए अवसर खुलेंगे। तीन संगठनों की यह एकजुटता दिखाती है कि जब आपसी मतभेदों को भुलाकर मिलकर काम किया जाए, तो समाज में बदलाव और विकास की राह आसान हो जाती है। यह कदम छत्तीसगढ़ मानिकपुरी पनिका समाज को मजबूत और एकजुट बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

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