सुचना पोस्ट ऑफिस मे न भेजकर कर वाट्सअप मे किया है मेसेज
जिला पंचायत बेमेतरा मे आवेदक के आवेदन लगाने के बाद उनको सूचना देने पोस्ट ऑफिस से कोई पत्राचार नहीं किया गया है, जबकि समय निकल जाने के बाद लेटर उन्हें वाट्सअप से भेजा गया है, जबकि सूचना के अधिकार के अधिनियम में इस तरह के कोई प्रावधान नहीं है, सीधी सी बात है की अधिकारी प्रावधानों का मखौल उड़ा रहे हैं !
सूचना के अधिकार के नियमों का नहीं हो रहा पालन
आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि सूचना के अधिकार अधिनियम पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बना था, लेकिन जिले के जिला पंचायत में इस अधिनियम का पालन नहीं हो रहा। कई मामलों में सूचना अन्य विभाग का होने कही जा रही है, तो कोई मामलों में जानकारी ही नहीं दिया जा रहा है।
प्रथम अपीलीय अधिकारी ने 10 दिन के भीतर सूचना नि शुल्क उपलब्ध कराने दिए है निर्देश
जिला पंचायत में समय सीमा के भीतर जानकारी नहीं देने के बाद आवेदक ने प्रथम अपीलीय अधिकारी अपर कलेक्टर बेमेतरा के पास आवेदन किया था, निर्णय पश्चात प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा जन सूचना अधिकारी जिला पंचायत बेमेतरा को आवेदक द्वारा चाही गई सूचना 10 दिनों के भीतर निशुल्क उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया गया है अब देखना यह होगा कि क्या जन सूचना अधिकारी द्वारा समय सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध कराई जाती है या फिर किसी तरह से आवेदक को गुमराह कर दिया जाता है !
राज्य सूचना आयोग तक पहुंच रहे मामले
प्रायः देखा जा रहा है की कई विभागों मे सूचना प्राप्त न होने के चलते कई आवेदकों को मजबूरन राज्य सूचना आयोग जाना पड़ रहा है। आयोग में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे यह साफ है कि प्रथम अपील अधिकारी अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहे।
जन सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी क्या होती है
सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन के 30 दिनों के भीतर आवेदक को जवाब देना जन सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी होती है, किन्तु यहां जनसुचना अधिकारी द्वारा गोल मोल जवाब दे दिया जाता है ! आवेदक को गुमराह कर दिया जाता है ! कई मामलो मे कोई जवाब ही नहीं दिया जाता है ! जिला पंचायत मे तो यह प्रक्रिया सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है।
आरटीआई कार्यकर्ता ने की कार्रवाई की मांग
आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि सूचना अधिकार अधिनियम के सही क्रियान्वयन के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। साथ ही जन सूचना अधिकारी को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
आगे का समाचार प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा जारी आदेश के समय सीमा बीत जाने के बाद अगले अंक मे !
