जिले की अन्य तहसीलों में बेमेतरा में 165.9 मिमी, देवकर में 231 मिमी, बेरला में 230.8 मिमी, भिंभौरी में 217.9 मिमी, साजा में 258 मिमी, दाढ़ी में 254.8 मिमी तथा नांदघाट में 192.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है।
सबसे ज्यादा बारिश, फिर भी सूखी डोटू नदी
थान खम्हरिया तहसील इस मानसून में जिले की सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र बनकर उभरा है। कृषि विभाग के अनुसार 1 जून से अब तक यहां लगभग 270.5 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। 12 से 17 जुलाई के बीच हुई लगातार बारिश से कई निचले खेत पानी से लबालब हो गए, लेकिन हैरानी की बात यह है कि नगर पंचायत क्षेत्र की जीवनदायिनी डोटू नदी (नाला) अब भी सूखी पड़ी है और उसमें पानी की धार तक नहीं बही।
निस्तारी के लिए बढ़ी परेशानी
डोटू नदी सूखी रहने से नगर पंचायत क्षेत्र की बड़ी आबादी को निस्तारी संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 20 वर्षों में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि इतनी बारिश के बावजूद नदी में पानी नहीं आया। पहले एक-दो अच्छी बारिश के बाद ही नदी में बहाव शुरू हो जाता था।
ऊपरी कैचमेंट में कम बारिश माना जा रहा कारण
जानकारों का मानना है कि डोटू नदी का उद्गम एवं ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड में स्थित है। वहां अपेक्षाकृत कम वर्षा होने के कारण नदी में पर्याप्त जल प्रवाह नहीं बन पाया, जिससे थान खम्हरिया क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंच सका।
रिकॉर्ड बारिश और सूखी नदी का यह विरोधाभासी दृश्य क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग अब ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अच्छी बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि डोटू नदी में फिर से पानी बह सके और निस्तारी की समस्या दूर हो सके।
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