ललिता को नमन : ममता की बलिदान, दूसरे के बच्चे को बचाने दे दी थी अपनी जान


बेमेतरा मदर दे स्पेशल स्टोरी

करीब 100 डिग्री सेल्सियस गर्म भट्टी की ईंटे अचानक भरभरा कर गिरी, मजदूरी पर गई थी उन्हें क्या मतलब था फिर भी वाह रे माँ की ममता दूसरे के बच्चे को बचाने वह मां कूद पड़ी, खुद जल गई और अफसोस कि बच्चे को भी ना बचा सकी!

32 साल के मजदूर ललिता के दो बच्चे थे! एक 5 साल का बेटा और एक 7 साल की बेटी! हादसे के बाद से दोनों बच्चे मां को देखने की जिद करते रहे पर कुदरत का खेल देखिए उस समय बच्चे मां से लिपट कर रो भी ना सके और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया!

मामला 2 मार्च 2021 की है! नांदघाट क्षेत्र के ग्राम पुटपुरा में पुटपुरा के ही मुकेश प्रजापति का गांव में ही ईंट-भट्‌टा है। सुबह करीब 8 बजे भट्‌टे पर ईंट पकाने का काम चल रहा था। वहां पास में ही मुकेश का 3 साल का बेटा प्रतीक भी खेल रहा था। खेलते-खेलते प्रतीक भट्‌टे के पास पहुंच गया। तभी अचानक भट्‌टे की दीवार भरभरा कर गिर पड़ी और प्रतीक उसी के नीचे दबने लगा। हादसा होते देख भट्‌टे पर काम करने वाली गांव की ही मजदूर ललिता (32) पति जितेंद्र ध्रुव उसे बचाने के लिए दौड़ी। और उस बच्चे को अपने बदन से ढक लिया! इससे पहले की बच्चे को ललिता बचा पाती दीवार का एक बड़ा हिस्सा उसके ऊपर भी जा गिरा। इसके चलते दोनों की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई थी ।

आओ आज उस ललिता को हम सब याद कर नमन करें! जिसने अपनी कोख से जन्म दिये बच्चे की परवाह न करते हुए भी दूसरे के 3 साल के बच्चे को बचाने के लिए जलती हुई आग पर कूद पड़ी! ललिता के उस हौसले को सलाम, जो दूसरे की जिंदगी बचाने खुद की दे दी जान !

Post a Comment

Previous Post Next Post