बैठक में डीआईजी ने “ऑपरेशन मुस्कान” और “ऑपरेशन तलाश” के तहत गुमशुदा, अपहृत बच्चों और लापता महिला-पुरुषों की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा विषय है, इसलिए हर मामले में संवेदनशीलता और तत्परता जरूरी है।
अभियान का असर दिखा
अप्रैल माह में पुलिस ने विशेष टीम गठित कर अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप:
19 गुम/अपहृत बालक-बालिकाओं को सुरक्षित बरामद किया गया
42 लापता महिला-पुरुषों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया
इन सभी को राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी तलाश कर सकुशल घर पहुंचाया गया।
थाना स्तर पर सख्त निर्देश
डीआईजी ने थाना एवं चौकी प्रभारियों को लंबित मामलों में तेजी लाने, नियमित समीक्षा करने और हर केस को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर गुमशुदगी का मामला पुलिस के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए।
परिवारों में लौटी खुशी
बेमेतरा पुलिस की इस कार्रवाई से कई परिवारों में खुशियां लौट आई हैं। अपनों के मिलने पर परिजनों के चेहरों पर मुस्कान साफ दिखाई दी, जो इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव, डीएसपी (मुख्यालय) राजेश कुमार झा, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू, डीएसपी श्रीमती शशिकला उईके सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
