28 अप्रैल को तहसीलदार ने लगाया था स्टे, फिर भी अतिक्रमणकारी बेखौफ—शिकायत के बाद भी प्रशासन मौन
बेमेतरा ! नवागढ़ तहसील के ग्राम टिंगाली जेवरा में शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण का मामला अब प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि 28 अप्रैल को तहसीलदार द्वारा स्पष्ट रूप से स्टे ऑर्डर जारी किया गया था, बावजूद इसके अतिक्रमणकारी द्वारा खुलेआम निर्माण कार्य जारी रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, तहसीलदार ने अतिक्रमणकारी को अपना पक्ष रखने के लिए 8 मई की तारीख निर्धारित की है। लेकिन इस बीच, नियमों और आदेशों की अनदेखी करते हुए रातों-रात निर्माण कार्य को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है, जिससे सरकारी आदेश की सीधी अवहेलना हो रही है।
आवेदक पूर्व सरपंच धरम कुर्रे ने इस पूरे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं और कहीं न कहीं मिलीभगत की आशंका भी नजर आ रही है।
स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाया, तो शासकीय भूमि पर स्थायी कब्जा हो जाएगा, जिसे हटाना बेहद कठिन होगा।
🔥 सवाल जो जवाब मांग रहे हैं
स्टे ऑर्डर के बावजूद निर्माण कैसे जारी है?
शिकायत मिलने के बाद भी अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?
क्या अतिक्रमणकारी को किसी का संरक्षण प्राप्त है?
⚠️ प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा
अब सबकी नजरें 8 मई की पेशी पर टिकी हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में सख्ती दिखाता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। यदि यही हाल रहा, तो कानून का डर खत्म होना तय है और शासकीय जमीन पर कब्जे का खेल यूं ही चलता रहेगा।
मामले पर बात करने नवागढ़ तहसीलदार को फोन लगाया गया किन्तु उन्होंने रिसीव नही किया !
वर्सन
शिकायतकर्ता ने अभी कुछ देर पहले फोन किया था, काम रुकवा दिया गया है, 8 तारीख के पेशी के बाद जो भी निर्णय आएगा उस हिसाब से आगे की कार्यवाही की जाएगी !
दुलेश्वर चंद्रवंशी, चौकी प्रभारी चन्दनु
