समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले में बड़ी संख्या में स्वीकृत आवास अब तक प्रारंभ नहीं किए गए हैं, जबकि कई निर्माणाधीन आवास समय पर पूर्ण नहीं हो सके हैं। इसके अलावा हितग्राहियों को 90 दिनों की मजदूरी भुगतान में भी देरी पाई गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया। बैठक में अनुपस्थित 187 रोजगार सहायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके अनुपस्थित दिवस को अवैतनिक घोषित कर दिया गया है और आगामी आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
इसी तरह कार्य में उदासीनता और बैठक में अनुपस्थिति के कारण 35 आवास मित्रों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।सीईओ ने निर्देश दिए कि सभी लंबित और अप्रारंभ आवासों को तत्काल शुरू कर निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। साथ ही मजदूरी भुगतान से जुड़े सभी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। जिला प्रशासन द्वारा योजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
