कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार 2026 के दौरान जिले के सभी ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रशासन एवं जनता के बीच सीधे संवाद को मजबूत करना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।
जनगणना 2027 को लेकर कलेक्टर ने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके लिए अभी से तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। जिले में गणनाकारों एवं पर्यवेक्षकों का चयन, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सही और पूरी जानकारी देकर जनगणना कार्य में सहयोग करें, ताकि सटीक आंकड़े तैयार हो सकें।
प्रेस वार्ता में कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों अभियानों में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
