ज्ञापन में संगठन ने उल्लेख किया है कि 25 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के तत्वावधान में प्रदेश के सभी जिलों में “स्टेयरिंग छोड़ अभियान” चलाया गया था। इस आंदोलन का उद्देश्य ड्राइवर समाज की वर्षों पुरानी लंबित मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करना था। संगठन की प्रमुख मांगों में ड्राइवर आयोग का गठन, ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड की स्थापना, ड्राइवर दिवस घोषित करना, ड्राइवर सुरक्षा कानून बनाना, ड्राइवरों के बच्चों को शिक्षा व रोजगार में आरक्षण, हेल्थ कार्ड योजना, दुर्घटना एवं जीवन बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ तथा ड्राइवर हितों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू करना शामिल हैं।
संगठन ने बताया कि आंदोलन के बाद शासन स्तर पर विषय को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने प्रक्रिया प्रारंभ की थी। इसी क्रम में 6 नवंबर 2025 को इंद्रावती भवन, नवा रायपुर स्थित परिवहन आयुक्त कार्यालय में अधिकारियों और संगठन पदाधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सेन एवं राज्य समिति के प्रतिनिधियों को यह आश्वासन दिया गया था कि ओडिशा और कर्नाटक की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जाएगा तथा इसमें ड्राइवर समाज के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।
हालांकि संगठन का आरोप है कि उक्त बैठक को छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो संगठन के पदाधिकारियों की पुनः बैठक बुलाई गई और न ही ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड गठन को लेकर किसी ठोस प्रगति की जानकारी दी गई। संगठन ने इसे ड्राइवर समाज की उपेक्षा बताते हुए कहा कि इससे प्रदेशभर के वाहन चालकों में असंतोष गहराता जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ड्राइवर समाज प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। माल परिवहन, औद्योगिक आपूर्ति, यात्री परिवहन और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में ड्राइवरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद आज भी बड़ी संख्या में ड्राइवर सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, बीमा, पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं।
छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन जिला बेमेतरा ने कलेक्टर से मांग की है कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शासन और संबंधित विभागों के स्तर पर त्वरित पहल की जाए। संगठन ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने, संगठन प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की बैठक जल्द आयोजित कराने, लंबित मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा ड्राइवर हितों से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की मांग की है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त, परिवहन विभाग के सचिव, लोकपाल तथा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।
इस अवसर पर संगठन के जिला पदाधिकारियों ने कहा कि यदि ड्राइवर समाज की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। ज्ञापन पर संगठन के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।
