शिकायत में महाविद्यालय के शिक्षक जे.पी. राणा पर छात्राओं के साथ कथित अमानवीय एवं आपत्तिजनक व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वीणा त्रिपाठी से भी की थी।
‘मामला बाहर गया तो कॉलेज की बदनामी होगी’—छात्रों का दावा
छात्राओं के अनुसार जब वे शिकायत लेकर प्राचार्य के पास पहुंचीं तो उन्हें कथित तौर पर मामले को आपस में सुलझाने की बात कही गई। छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य ने यह भी कहा कि यदि मामला बाहर जाता है तो महाविद्यालय की बदनामी होगी। हालांकि, इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
छात्राओं का कहना है कि मामला संवेदनशील होने के बावजूद महाविद्यालय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उन्हें जिला प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत रखने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कलेक्टर से शीघ्र जांच और कार्रवाई की मांग
छात्राओं एवं छात्रों ने जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच करने तथा दोष सिद्ध होने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है ।
मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। शिकायत में यदि फोन कॉल, वाट्सऐप संदेश या अन्य डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं तो उनकी भी जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।
