गुरुकृपा पब्लिक स्कूल बालसमुंद में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का जागरूकता कार्यक्रम, गुड टच-बैड टच और साइबर धोखाधड़ी से बचाव की दी जानकारी
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पैनल अधिवक्ता श्री मणिशंकर दिवाकर उपस्थित रहे। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा के पैरालीगल वालंटियर देवेंद्र यादव एवं दुवेंद्र सिंह ने भी विद्यार्थियों को कानूनी जागरूकता संबंधी जानकारी प्रदान की।
सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित प्रथम सत्र में विद्यालय की कक्षा केजी-1 से कक्षा 9वीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि श्री मणिशंकर दिवाकर ने विद्यार्थियों को सरल भाषा में विभिन्न कानूनों और उनके व्यावहारिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को गुड टच-बैड टच की पहचान, व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव तथा इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बच्चों को अपने साथ होने वाली किसी भी अनुचित घटना को छिपाने के बजाय भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को बताना चाहिए। साथ ही ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा अपनी निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने के प्रति भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, घरेलू हिंसा से संरक्षण, महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार, नए आपराधिक कानून, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, जिला विधिक सहायता कोष, जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम तथा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती साहू, प्राचार्य घनश्याम साहू, उपप्राचार्य बलराम साहू सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपप्राचार्य बलराम साहू ने अतिथियों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही जागरूकता कार्यक्रम का समापन हुआ।
उक्त जानकारी अधिवक्ता राजेन्द्र पुरेना द्वारा दी गई।
