मरका नवजात मौत मामला पहुंचा कैबिनेट मंत्रियों तक, दयाल दास बघेल ने स्वास्थ्य मंत्री को दी जानकारी, निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन

पीड़ित परिवार ने ग्राम कुंरा स्थित निज निवास पहुंचकर सौंपा आवेदन, मंत्री ने मामले की जानकारी लेकर तत्काल स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से दूरभाष पर की चर्चा


बेमेतरा टाइम्स । मरका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत का मामला अब जिला स्तर से आगे बढ़कर प्रदेश के मंत्रियों तक पहुंच गया है। जांच पूरी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार ने छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री दयाल दास बघेल से उनके ग्राम कुंरा स्थित निज निवास में मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर आवेदन सौंपा। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री बघेल ने पीड़ित परिवार की बात सुनी और निष्पक्ष रूप से आगे की कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने तत्काल दूरभाष के माध्यम से प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को भी मामले की जानकारी दी।

जिला स्तर पर कार्रवाई का इंतजार, अब मंत्रियों तक पहुंची पीड़ित परिवार की गुहार

गौरतलब है कि 8 अक्टूबर 2026 को मरका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ग्राम बाराडेरा निवासी श्रीमती नीतू साहू के प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों पर प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने और नवजात की मौत की जानकारी समय पर नहीं देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया तथा पड़कीडीह के पास बेमेतरा-नवागढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम भी किया था।

उस दौरान अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम गठित की और संबंधित तीन कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई। लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि जांच प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई है। लगातार आश्वासन मिलने और निर्णय की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से नाराज परिजनों ने अब प्रदेश स्तर पर अपनी बात रखने का निर्णय लिया।

मंत्री ने सुनी पीड़ित परिवार की बात, स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचाया मामला

पीड़ित परिवार ने ग्राम कुंरा स्थित मंत्री दयाल दास बघेल के निज निवास पहुंचकर उन्हें घटना से जुड़े तथ्यों, पूर्व में किए गए विरोध प्रदर्शन, जांच की स्थिति और कार्रवाई में कथित देरी से अवगत कराया। परिवार ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मंत्री बघेल ने परिवार से पूरे मामले की जानकारी ली और निष्पक्ष रूप से आगे की कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने दूरभाष के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को भी मामले से अवगत कराया। इस घटनाक्रम के बाद प्रकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर निगाहें टिक गई हैं।

अब सवाल—जांच के बाद निर्णय कब?

इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर विभागीय निर्णय कब लिया जाएगा और पीड़ित परिवार को कब तक स्पष्ट जवाब मिलेगा। नवजात की मौत के कारणों और स्वास्थ्यकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होनी है। ऐसे में निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और समयबद्ध निर्णय बेहद जरूरी हैं।

पीड़ित परिवार की मांग है कि मामले को केवल आश्वासन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जांच की स्थिति स्पष्ट करते हुए नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए। अब जब मामला कैबिनेट मंत्री के संज्ञान में पहुंच चुका है और स्वास्थ्य मंत्री को भी इसकी जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है, तो लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

मरका का यह मामला अब केवल स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रहा। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि उच्च स्तर पर मामला पहुंचने के बाद जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा उन्हें न्याय मिल सकेगा।

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