तकनीकी खामियों और दमनात्मक कार्रवाई से नाराज पटवारी, वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति की मांग भी तेज
संघ ने अपने ज्ञापन में कहा है कि PV ऐप से फसल सत्यापन के दौरान आ रही समस्याओं से शासन और विभाग को पहले भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस एवं व्यावहारिक समाधान नहीं निकाला गया। पटवारियों का कहना है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक पंजीयन, किसान पंजीयन, बकेट क्लेम, जनगणना के प्रथम चरण, लघु सिंचाई संगणना, रेलवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग सर्वे, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, स्वामित्व योजना और सेवा संकल्प शिविर जैसे कई कार्य पहले से ही किए जा रहे हैं। ऐसे में तकनीकी दिक्कतों से जूझ रहे PV ऐप पर काम करने का दबाव उनकी परेशानी बढ़ा रहा है।
तबादले, नोटिस और निलंबन पर जताई नाराजगी
संघ ने आरोप लगाया है कि PV ऐप के बहिष्कार के चलते बलौदाबाजार तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में पदाधिकारियों एवं अन्य पटवारियों के तबादले और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं महासमुंद जिले में पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। संघ ने इन कार्रवाइयों को अनुचित बताते हुए संबंधित आदेशों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
वेतन विसंगति और पदोन्नति का मुद्दा भी गरमाया
PV ऐप की समस्याओं के साथ ही संघ ने लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति के अधिकार पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग उठाई है। संघ ने इन मामलों को लंबित रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि मांगों का निराकरण नहीं होने के कारण संघ के सदस्य 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन करने को बाध्य हैं। अब प्रशासन के सामने ऐप से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान निकालने, कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने और राजस्व व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की चुनौती है।
