KCC ऋण वितरण में मनमानी के आरोप, सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा खंडसरा के प्रबंधक और पुत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

किसानों के चेक लौटाने से लेकर DMR खातों में गड़बड़ी तक की शिकायत, मंत्री सहित सहकारिता विभाग के अधिकारियों से जांच की मांग


बेमेतरा टाइम्स । जिले की खण्डसरा स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सेवा सहकारी समिति मर्यादित झाल के प्रभारी समिति प्रबंधक ने शाखा प्रबंधक शत्रुहन देवांगन और उनके पुत्र ललित देवांगन के विरुद्ध किसानों को परेशान करने, KCC ऋण के चेक बिना सूचना लौटाने, DMR खातों के मिलान में लापरवाही और समिति की राशि के आहरण में नियमों की अनदेखी जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में 28 अक्टूबर 2026 को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल सहित सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है।

KCC चेक लौटाने से किसान परेशान

शिकायत में बताया गया है कि सेवा सहकारी समिति झाल के माध्यम से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण का वितरण किया जाता है। किसानों के KCC चेक बैंक में भेजे जाने के बाद कथित तौर पर बिना किसी सूचना के चेक वापस कर दिए जाते हैं और उन्हें बैंक के वाउचर बॉक्स में डाल दिया जाता है। इतना ही नहीं, किसानों के चेक का समयोजन बनाकर दोबारा भेजने के बावजूद वही प्रक्रिया दोहराए जाने का आरोप लगाया गया है। इससे किसान अपने ही ऋण की राशि प्राप्त करने के लिए बैंक के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

DMR खातों के मिलान में देरी, ERP स्टेटमेंट पर भी सवाल

शिकायतकर्ता के अनुसार खरीफ सीजन 2026 के वर्षांत मिलान के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन लंबे समय बाद भी खातों का मिलान नहीं किया गया। आरोप है कि बैंक शाखा प्रबंधक ERP स्टेटमेंट को भी मान्य नहीं कर रहे हैं। एक ही किसान के छह से सात DMR खाते खोले जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। वहीं, मिलान से संबंधित आवेदन शाखा प्रबंधक के पुत्र ललित देवांगन के पास लंबित होने और उनके द्वारा कार्य में रुचि नहीं लेने का आरोप लगाया गया है। इससे समिति के कामकाज और किसानों के वित्तीय लेन-देन पर असर पड़ने की बात कही गई है।

ऋण माफी की राशि और वसूली समायोजन पर भी सवाल

शिकायत में वर्ष 2018-19 की ऋण माफी योजना की राशि किसानों के DMR खातों में समायोजित नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके बजाय राशि सीधे KCC खातों में जमा किए जाने की बात कही गई है। इसी तरह जिन किसानों के DMR खाते माइनस में हैं, उनकी KCC वसूली की राशि भी सीधे KCC खातों में समायोजित किए जाने का उल्लेख करते हुए इस पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की गई है।

समिति की बचत राशि से आहरण पर उठाए सवाल

मामले में समिति के सेविंग खाते से भी बिना प्राधिकृत समिति अथवा प्रबंध समिति के प्रस्ताव के सीधे राशि आहरण किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि एग्रीस्टेक बैनर और परिवहन बिल जैसे खर्चों के लिए भी समिति के प्रभारी अथवा प्राधिकृत अधिकारी से अनुमति नहीं ली जा रही है। इसे सहकारिता के नियमों के विपरीत बताते हुए संबंधित वित्तीय लेन-देन की जांच कराने की मांग की गई है।

मंत्री से लेकर बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची शिकायत

प्रभारी समिति प्रबंधक ने अपनी शिकायत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं बेमेतरा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग तथा जिला नोडल अधिकारी को भेजी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शाखा प्रबंधक द्वारा अपने पुत्र को खण्डसरा शाखा में नौकरी पर रखे जाने के बाद से समिति के साथ कथित तौर पर भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि बैंक शाखा की इस कार्यप्रणाली के कारण भविष्य में किसानों की ओर से होने वाली शिकायतों के लिए समिति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर किसानों के लंबित KCC चेक, DMR खातों के मिलान और समिति के बचत खाते से हुए आहरण की जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है।

अब देखना होगा कि किसानों और सहकारी समिति से जुड़ी इन गंभीर शिकायतों पर बैंक प्रबंधन एवं सहकारिता विभाग कब तक संज्ञान लेते हैं और जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है।

वर्सन 

ऐसा कोई बात नहीं, सभी कार्य सुचारु रूप से संचालित है, मेरे और मेरे पुत्र के ऊपर लगाए गए आरोप गलत है !

शत्रुहन देवांगन, शाखा प्रबंधक खंडसरा 

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