13 अक्टूबर से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर प्रशासन का कड़ा रुख, 46 में से 39 पटवारी आंदोलन में शामिल, जवाब नहीं दिया तो एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
इस कार्रवाई से बेमेतरा के राजस्व महकमे में हलचल मच गई है। खास बात यह है कि यह कार्रवाई किसी एक पटवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे आंदोलन में शामिल पटवारियों को नोटिस जारी किया गया है। बेमेतरा अनुभाग में कुल 46 पटवारी पदस्थ हैं। इनमें एक प्रशिक्षु पटवारी और छह पटवारी हड़ताल में शामिल नहीं थे, जबकि शेष 39 पटवारी 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। अब इन सभी 39 को एक साथ नोटिस जारी होने से प्रशासन और पटवारी संघ के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
चार मोर्चों पर काम ठप होने का हवाला, प्रशासन ने गिनाईं जिम्मेदारियां
एसडीएम कार्यालय से जारी कारण बताओ नोटिस में पटवारियों पर शासकीय कार्यों में रुचि नहीं लेने और महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। नोटिस में चक्रवात अर्नब से फसल, मकान एवं अन्य क्षति की जानकारी प्रस्तुत नहीं करने, स्कूली बच्चों के छात्रवृत्ति संबंधी आय, निवास एवं जाति प्रमाण पत्रों के प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने, फसल सर्वेक्षण के अप्रूवल में देरी तथा एग्रीस्टैक पंजीयन सत्यापन, फसल संशोधन और गिरदावरी सत्यापन के कार्य प्रभावित होने का उल्लेख है।
इसके अलावा मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 से जुड़े कार्यों के निर्धारित समय-सीमा में पूरे नहीं होने की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन का कहना है कि इन कार्यों के प्रभावित होने से किसान, विद्यार्थी और आम नागरिक सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं।
PV ऐप की खामियों से शुरू हुआ आंदोलन, अब कार्रवाई की चेतावनी
दरअसल, राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ की जिला इकाई बेमेतरा ने 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। संघ की प्रमुख आपत्ति PV ऐप के माध्यम से फसलों के भौतिक सत्यापन में आ रही व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं को लेकर है। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों में पटवारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई को भी संघ ने आंदोलन का मुद्दा बनाया है। संघ अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है, वहीं प्रशासन ने अब शासकीय कार्यों के प्रभावित होने का हवाला देते हुए सख्त रुख अपना लिया है।
24 घंटे का अल्टीमेटम, अब किस ओर जाएगा आंदोलन?
नोटिस में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के तहत कर्तव्यपरायणता एवं शासकीय सेवा के आचरण संबंधी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कथित कृत्य को गंभीर माना गया है। साथ ही छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 39 पटवारी प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद काम पर लौटेंगे या संघ इस कार्रवाई के विरोध में आंदोलन को और तेज करेगा? एक ओर पटवारी अपनी तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की मांग पर अड़े हैं, तो दूसरी ओर प्रशासन ने शासकीय कार्यों में व्यवधान को लेकर जवाबदेही तय करने का संकेत दे दिया है। बेमेतरा में अब यह आंदोलन केवल PV ऐप की समस्या तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि प्रशासनिक सख्ती और कर्मचारी आंदोलन के बीच प्रतिष्ठा का सवाल बनता दिखाई दे रहा है।
