झिरिया ग्राम में प्रस्तावित नाविक इंडस्ट्री का सरपंच सहित ग्रामीणों का विरोध


बेमेतरा ! जिला बेमेतरा में सरकार ने ग्राम रांका, बोरिया, सरदा, मुड़पार, कण्डरका, नेवनारा झिरिया जैसे  10 स्पंज आयरन फैक्ट्रियों का अनुबंध किया है।जिसमे से ग्राम झिरिया में  लगने वाले नाविक पावर एंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड का  13 अप्रैल को जन सुनवाई होगा।इसके पहले ही 85 गांवों में से लगभग 15 गांव के  सरपंच सहित ग्रामीणों ने लामबंद होकर फैक्ट्री का विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर पी एस एल्मा को हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन भी सौप चुके हैं।ग्रामीणों का एक स्वर में कहना है...खेती गंवाकर नहीं चाहिए हमे एडस्ट्री।इसके पहले सिलतरा उरला जैसे इंडस्ट्री वाले जगहों को वे देख चुके हैं जहां जमीन बंजर हो चुका है।वहां की हवा दूषित हो गई है,जमीन के ऊपर काली मोटी परत जम गई है, लोग तरह तरह के त्वचा रोग व स्वांस रोग से पीड़ित हो गए हैं।


किसान संघ जिला संयोजक प्रमिल तिवारी ने उक्त बातें आज बिटकूली बाड़ा में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही।उन्होंने सरपंचों की उपस्थिति में आगे कहा पूर्व  में स्थापित  मत्स्य पालन उद्योग,मुर्गी पालन उद्योग के प्रदूषण से पीड़ित है।स्थापित करने से पहले ग्रामीणों को कहा गया था रोजगार मिलेगा । किंतु रोजगार निर्माण कार्य के पूरा होने तक ही सीमित रहा उसके बाद अन्य प्रदेश से मजदूर लाकर काम कराया जा रहा है। नाविक इंडस्ट्री द्वारा गांव में मुनादी,सरपंच से एन ओ सी ,जैसे जनसुनवाई की प्रक्रिया भी नही की जा रही है।इसके अतिरिक्त गांव में ऐसे भी कृषक हैं जिनका जमीन प्रस्तावित प्लांट क्षेत्र के अंतर्गत है प्लांट लगने की स्थिति में ऐसे कृषक अपनी खेती भी नहीं कर पाएंगे । 3 एकड़ का शासकीय नाला भी इंडस्ट्री के भीतर में ही समाहित हो रहा है यदि नाले की दिशा को दूसरी ओर घुमाया जाता है तो कृषकों की 100 एकड़ जमीन प्रभावित होगा। आसपास में तीन धार्मिक केंद्र पर्यटन के रूप में विकसित हैं जिसमें दामाखेड़ा बुचीपुर एवं जोगी दीप प्रमुख हैं। इंडस्ट्री के लगने से जिस पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। प्लांट खोलने की स्थिति में आसपास के ग्रामों में वन क्षेत्र भी लगभग 2 से ढाई सौ एकड़ प्रभावित होगी यह रेगिस्तान के रूप में परिवर्तित हो सकता है।

ग्रामीण सहित संयोजक प्रमिल तिवारी का कहना है ग्राम के 15 सरपंचों सहित लगभग 300 की संख्या में आसपास के नागरिकों का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा जा चुका है इसके बावजूद भी अगर जनसुनवाई की जाती है तो प्रशासन से क्या उम्मीद कर सकते हैं जिला प्रशासन ने हमारे ज्ञापन पर न तो उसे अवैधानिक कहा और नाही कार्य को रुकवाया ऐसे में विरोध के साथ अब कोर्ट का ही शरण लेना होगा। पावर प्लांट प्रबंधन द्वारा प्लांट के खर्च नहीं उठा पाने एवम जनसुनवाई स्थगित होने की जानकारी संबंधी सवाल पर तिवारी ने कहा उन्हें इसकी जानकारी नहीं है,और स्थगित होता है तो अच्छी बात है हम तो इसका विरोध कर ही रहे है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरपंच उसलापुर  प्रमोद चतुर्वेदी , आंदू सरपंच संजय जोशी, भंसूली सरपंच भगवती साहू मऊ सरपंच अगेश्वर साहू , मूटपुरी सरपंच प्रतिनिधि सुकवारो बाई सहित अभय तिवारी उपस्थित थे।

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