प्रशासन के दावों पर उठे सवाल: “पर्याप्त स्टॉक” के बावजूद पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, जनता परेशान


बेमेतरा। जिले में पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर प्रशासन द्वारा लगातार “पर्याप्त स्टॉक” और “सामान्य सप्लाई” का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। जिले के कई पेट्रोल पंपों में सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, वहीं घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। इस स्थिति ने आम नागरिकों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।

वाहन चालकों का कहना है कि यदि जिले में पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता है, तो फिर पंपों पर “स्टॉक खत्म” क्यों बताया जा रहा है। कई स्थानों पर टंकी संचालकों द्वारा कभी सर्वर डाउन, तो कभी सप्लाई नहीं आने जैसी बातें कहकर लोगों को वापस लौटाया जा रहा है। इससे लोगों को कार्यालय, व्यापार और दैनिक कार्यों में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि कुछ पेट्रोल पंपों में सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि कई जगहों पर अचानक सप्लाई बंद होने की जानकारी दी जा रही है। इससे लोगों में अफवाहों का माहौल बन गया है और स्थिति और अधिक तनावपूर्ण होती जा रही है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में उपलब्ध पेट्रोल के वास्तविक स्टॉक, प्रतिदिन की सप्लाई और वितरण व्यवस्था की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि लोगों के बीच भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। लोगों का आरोप है कि कुछ टंकी संचालक कृत्रिम संकट का माहौल बनाकर आम जनता को गुमराह कर रहे हैं।

नागरिकों ने जिला प्रशासन से पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ाने, स्टॉक की नियमित जांच कराने और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और अनावश्यक अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।

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