मंदिर के पुजारी ने बताया कि शनिदेव जयंती के अवसर पर विधि-विधान से पूजा-पाठ कर भक्तों की सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना की गई। दिनभर मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
वहीं दूसरी ओर कुर्मी पारा (पिकरी तालाब) के पास भी शनिदेव की प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम बड़े ही धार्मिक माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा तालाब परिसर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए भद्रकाली मंदिर तक पहुंची, जहां मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच शनिदेव की स्थापना की गई।
पूरे आयोजन के दौरान “जय शनिदेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। वार्डवासियों, युवाओं एवं महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने इसे शहर की धार्मिक एकता और आस्था का प्रतीक बताया।
