प्रार्थी रमेश यादव उम्र 35 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 04 नवागढ़ सहित अन्य गौवंश सेवकों ने थाना नवागढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 15 मई 2026 को सूचना मिली थी कि ग्राम नवागांव (महराजी) के श्मशान घाट के पास खेत में बैल एवं बछड़ों को क्रूरता पूर्वक बांधकर रखा गया है। सूचना मिलते ही गौसेवक मौके पर पहुंचे, जहां 38 नग बैल एवं बछड़े बंधे मिले।
बताया गया कि मौके पर मौजूद ग्राम नवागांव (महराजी) निवासी थनवार सतनामी और सुधेलाल सतनामी गौसेवकों को देखकर तारेगांव की ओर भाग निकले, जिन्हें टॉर्च की रोशनी में पहचान लिया गया। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1990 की धारा 11(1)(क)(ज), छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 11 तथा बीएनएस की धारा 325 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।
घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिस पर पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू ने तत्काल कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव एवं एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का तथा एसडीओपी बेरला विनय कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नवागढ़ उप निरीक्षक भुनेश्वर यादव ने टीम के साथ कार्रवाई की।
पुलिस ने विवेचना के दौरान करीब दो लाख रुपये कीमत के 38 नग गौवंशों को जप्त किया। सभी गौवंशों को सुरक्षा के लिए ग्राम झालम स्थित गौ अभ्यारण में रखा गया है।
मामले में आरोपी थनवार घृतलहरे पिता नेतराम घृतलहरे उम्र 65 वर्ष एवं सुधेलाल सोनवानी पिता प्रभुदास सोनवानी उम्र 39 वर्ष निवासी नवागांव (महराजी), थाना नवागढ़ को गिरफ्तार कर 15 मई 2026 को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी नवागढ़ उप निरीक्षक भुनेश्वर यादव, सउनि कृष्ण कुमार क्षत्री, प्रधान आरक्षक गोपाल ध्रुव, आरक्षक ओंकार निर्मलकर, राहुल दुबे सहित नवागढ़ थाना स्टाफ एवं गौसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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