जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार का गियर या बिना गियर वाला निजी अथवा व्यावसायिक वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार नाबालिगों के दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाने के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे उनकी स्वयं की जान के साथ-साथ अन्य राहगीरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।
नाबालिग वाहन चलाते मिले तो अभिभावकों पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो वाहन मालिक या उसके माता-पिता एवं अभिभावकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना, 3 वर्ष तक की कैद और संबंधित वाहन का पंजीयन निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित नाबालिग को 25 वर्ष की आयु पूरी होने तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से सहयोग की अपील
जिला परिवहन अधिकारी ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से अपील करते हुए कहा कि बच्चों के हाथों में वाहन देकर उनके भविष्य को जोखिम में न डालें। उन्होंने स्कूल और कोचिंग आने-जाने के लिए बच्चों को सार्वजनिक परिवहन, स्कूल बस, वैन अथवा साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने की सलाह दी।
जिलेभर में विशेष जांच अभियान जारी
परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा जिलेभर में विशेष जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी रियायत के तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
