ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि यूनिवर्सल पोल्ट्री फार्म एवं गणपति राइस मिल बिना समुचित उपचार (ट्रीटमेंट) के दूषित एवं दुर्गंधयुक्त अपशिष्ट जल को खर्री वितरक नहर में छोड़ रहे हैं। इससे नहर, तालाब, कृषि भूमि तथा भू-जल स्रोतों के प्रदूषित होने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी संबंधित विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया था, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।
शिकायत के बाद 3 अगस्त 2026 को पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने दोनों औद्योगिक इकाइयों का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण में गणपति राइस मिल से बिना उपचार का औद्योगिक अपशिष्ट जल परिसर से बाहर निकलकर खर्री नहर तक पहुंचता हुआ पाया गया। इसके अलावा पर्याप्त एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) का अभाव, ठोस अपशिष्ट का अनुचित निपटान तथा परिसर में साफ-सफाई की गंभीर कमियां भी सामने आईं।
वहीं यूनिवर्सल हैचरी प्राइवेट लिमिटेड के निरीक्षण में वर्षा जल के साथ पोल्ट्री लिटर का परिसर से बाहर बहना, ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं होना तथा स्वच्छता संबंधी खामियां पाई गईं। पर्यावरण मंडल ने इसे पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
पर्यावरण संरक्षण मंडल ने गणपति राइस मिल को तत्काल उद्योग बंद करने, विद्युत आपूर्ति विच्छेदित कराने, वैध पर्यावरणीय अनुमति प्राप्त किए बिना संचालन पुनः प्रारंभ नहीं करने तथा अपशिष्ट जल का बहाव तुरंत रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
दूसरी ओर यूनिवर्सल हैचरी प्राइवेट लिमिटेड को भी 15 दिनों के भीतर सभी कमियों का निराकरण करने, परिसर से अपशिष्ट का बहाव रोकने तथा प्रस्तावित पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के संबंध में कारण बताओ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम पंचायत खर्रा एवं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र के जल स्रोतों, कृषि भूमि तथा पर्यावरण को होने वाले संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
