पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कई बार असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोग अपनी पहचान छिपाकर किराए के मकानों में रहकर अपराधों को अंजाम देते हैं, जिससे जिले की शांति व्यवस्था और जनसुरक्षा प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। यह भी देखा गया है कि अधिकांश मकान मालिक किराएदारों एवं घरेलू नौकरों का सत्यापन नहीं कराते, जिससे पुलिस को अपराधियों पर निगरानी रखने में कठिनाई होती है।
जारी आदेश के अनुसार अब कोई भी मकान मालिक संबंधित थाना प्रभारी को किराएदार का पूरा विवरण उपलब्ध कराए बिना अपना मकान या उसका कोई हिस्सा किराए पर नहीं देगा। वहीं, जो लोग पहले से किराए के मकानों में रह रहे हैं, उनके मकान मालिकों को भी तत्काल संबंधित थाने में उनकी जानकारी जमा करानी होगी।
पुलिस द्वारा निर्धारित जानकारी में किराएदार का नाम, स्थायी एवं वर्तमान पता, मोबाइल नंबर, वैध पहचान पत्र का विवरण तथा पहचान क्रमांक अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को आवास किराए पर नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा यदि किसी किराएदार या उसके यहां आने वाले किसी आगंतुक की गतिविधि संदिग्ध प्रतीत होती है, तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम थाना या पुलिस चौकी को देना भी अनिवार्य होगा।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जनसुरक्षा, शांति व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
