बेमेतरा जिले में नलकूप खनन पर प्रतिबंध 31 जुलाई तक बढ़ाया गया, मानसून आगमन में देरी के मद्देनजर कलेक्टर ने जारी किया आदेश, भूजल संरक्षण को प्राथमिकता


बेमेतरा टाइम्स ! जिले में भूजल स्तर के संरक्षण एवं पेयजल स्रोतों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बेमेतरा सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने नलकूप (बोरवेल) खनन पर लगाए गए प्रतिबंध की अवधि को आगामी 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। मानसून के आगमन में हो रही देरी तथा संभावित जल संकट की स्थिति को देखते हुए यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, बेमेतरा के पूर्व आदेश 31 दिसंबर 2025 के तहत जिले को पेयजल परिरक्षण अधिनियम, 1986 (क्रमांक-3) एवं नियम 1987 के प्रावधानों के अंतर्गत 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 अथवा मानसून आगमन तक जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया था तथा इस अवधि में नए नलकूपों के खनन पर प्रतिबंध लगाया गया था।

वर्तमान में जिले में मानसून की सक्रियता अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंचने तथा भूजल स्तर पर संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने प्रतिबंध अवधि को पुनः 1 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 अथवा भूजल स्थिति की पुनर्समीक्षा तक प्रभावशील रखने का निर्णय लिया है। इस अवधि में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नए नलकूपों के खनन पर प्रतिबंध लागू रहेगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूजल संसाधनों का अंधाधुंध दोहन रोकना तथा आम नागरिकों के लिए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गर्मी के मौसम एवं वर्षा की अनिश्चितता के कारण कई क्षेत्रों में जल स्रोतों पर दबाव बढ़ जाता है, ऐसे में भूजल संरक्षण के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय आवश्यक हो जाते हैं। आदेश के तहत पूर्व में लागू सभी शर्तें यथावत प्रभावशील रहेंगी। हालांकि विशेष परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) को नलकूप खनन के लिए अनुमति प्रदान करने हेतु अधिकृत किया गया है। अनुमति केवल निर्धारित प्रक्रिया एवं आवश्यक परीक्षण के बाद ही दी जाएगी।

जिला प्रशासन ने नागरिकों, किसानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं संस्थाओं से जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है। साथ ही सभी संबंधित विभागों को भी पेयजल व्यवस्था की सतत निगरानी तथा भूजल संरक्षण संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति नलकूप खनन अथवा आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post