बेमेतरा में भ्रष्टाचार के 8 बम : डस्टबिन खरीदी से जल जीवन मिशन, खनिज मद, स्वच्छता खर्च और जनपद नवागढ़ के भुगतानों तक उठी जांच की मांग


बेमेतरा टाइम्सबेमेतरा जिले में विकास कार्यों, खरीदी प्रक्रियाओं और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं को लेकर किसान कांग्रेस ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अंजोरदास घृतलहरे ने कलेक्टर बेमेतरा को शिकायत पत्र सौंपकर जिले और नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2024 से अब तक हुए कई कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत में ग्राम पंचायतों में खरीदे गए डस्टबिन, जल जीवन मिशन के कार्य, समूह जल प्रदाय योजना, खनिज मद की राशि, जनपद पंचायत नवागढ़ के भुगतान, शिक्षाकर्मियों की पुनर्नियुक्ति-नियमितीकरण तथा नगर पंचायत मारो-नवागढ़ के स्वच्छता मद के खर्चों पर सवाल उठाए गए हैं।

शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि 01 जनवरी 2024 से अब तक जिले के विभिन्न विभागों और स्थानीय निकायों में हुए कार्यों तथा भुगतानों में गंभीर स्तर पर फर्जीवाड़ा और अनियमितता की आशंका है। इसे देखते हुए शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे मामले की विशेष टीम या उच्चस्तरीय समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

इन 8 बिंदुओं पर जांच की मांग

किसान कांग्रेस की ओर से कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में निम्न प्रमुख बिंदुओं पर जांच की मांग की गई है—

जिले की ग्राम पंचायतों में 01/01/2024 से अब तक खरीदे गए डस्टबिन की गुणवत्ता, बाजार भाव, खरीदी प्रक्रिया और भुगतान की जांच।

जल जीवन मिशन के तहत एससी/एसटी बाहुल्य गांवों में कराए गए कार्यों की जांच।

समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत अमलडीहा प्रोजेक्ट में अब तक हुए कार्य और भुगतान की जांच।

खनिज मद से महिला एवं बाल विकास विभाग को आबंटित राशि तथा उससे खरीदे गए सामानों की गुणवत्ता और खर्च की जांच।

बेमेतरा जिले से अब तक हुए पलायन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग।

जनपद पंचायत नवागढ़ द्वारा 01/01/2024 से अब तक किए गए सभी भुगतानों और संधारित केशबुक/अभिलेखों की विशेष टीम से जांच।

जनपद पंचायत नवागढ़ में शिक्षाकर्मियों की पुनर्नियुक्ति एवं नियमितीकरण की उच्चस्तरीय जांच।

नगर पंचायत मारो और नवागढ़ में 01/01/2024 से अब तक स्वच्छता मद में हुए सभी प्रकार के भुगतानों की जांच।

प्रशासन से पारदर्शी कार्रवाई की मांग

आवेदन में कहा गया है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होती है तो जिले में हुए कथित वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़झाले उजागर हो सकते हैं। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित विभागों के अभिलेख खंगालकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

इस शिकायत के सामने आने के बाद जिले के प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कलेक्टर कार्यालय इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या वाकई इन बिंदुओं पर विशेष जांच बैठाई जाती है या नहीं।


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