बिजली बिलों की ‘करंट’ राजनीति: रविन्द्र चौबे का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला, कहा- जनता पर थोपे जा रहे महंगाई और बिजली दर वृद्धि के नए बोझ


बेमेतरा टाइम्स । छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे ने विष्णुदेव साय सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है और बिजली दरों में वृद्धि आम उपभोक्ताओं, किसानों तथा छोटे व्यवसायियों के हितों पर सीधा प्रहार है।

प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा तथा पूर्व संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे भी मौजूद रहे। रविन्द्र चौबे ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर किसानों पर अतिरिक्त भार डाला गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राहत देने के बजाय लगातार नए आर्थिक बोझ थोप रही है। विद्युत ईंधन अधिभार का उल्लेख करते हुए चौबे ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली की जा रही है। उनका दावा है कि जून माह में प्रदेश के 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल औसतन तीन गुना तक बढ़कर आए हैं, जबकि सामान्य खपत के बावजूद लोगों को भारी-भरकम बिल भेजे जा रहे हैं।

स्मार्ट मीटर पर उठाए सवाल

पूर्व मंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक यूनिट दर्ज कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके बिजली लोड में वृद्धि कर अतिरिक्त शुल्क और अर्थदंड वसूला जा रहा है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

खरीफ सीजन में खाद संकट पर सरकार घिरी

किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए चौबे ने कहा कि खरीफ सीजन की शुरुआत में ही प्रदेश के कई क्षेत्रों में खाद की कमी बनी हुई है। सहकारी समितियों में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं। उन्होंने इसे सरकार की प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि खेती-किसानी पर आधारित प्रदेश में खाद संकट चिंताजनक स्थिति है।

12 साल बेमिसाल’ पर कांग्रेस का पलटवार

केंद्र सरकार के ‘12 साल बेमिसाल’ अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए चौबे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि यदि कोई है तो वह महंगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य सामग्री, गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, बिजली और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम आदमी की कमर टूट रही है।

सोनहत हत्याकांड को लेकर भी सरकार पर निशाना

पत्रकारों के सवालों के जवाब में रविन्द्र चौबे ने कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में रेत उत्खनन विवाद के दौरान तीन लोगों को फॉर्च्यूनर वाहन सहित जिंदा जलाकर मारने की घटना को प्रदेश को झकझोर देने वाला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और अवैध रेत उत्खनन को सरकारी संरक्षण मिलने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बिजली दरों में की गई वृद्धि वापस नहीं ली गई और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस प्रदेशभर में अपना आंदोलन और अधिक तेज करेगी।

प्रेसवार्ता में प्रणीश चौबे, झम्मन बघेल, सनतधर दीवान, रश्मि मिश्रा, विजय बघेल, रीता पांडेय, जावेद खान सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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