प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अमृत लाल रोहलेडर तथा जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) डॉ. बी.एल. राज की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान मितानिन प्रशिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ ने सहभागिता की।
मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षण के दौरान कुष्ठ रोग के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान, घर-घर सर्वे की प्रक्रिया, संदिग्ध मरीजों की पहचान एवं रिपोर्टिंग प्रारूप की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही आगामी पल्स पोलियो अभियान के तहत जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों को दवा पिलाने की रणनीति, कोल्ड चेन मेंटेनेंस तथा माइक्रोप्लान तैयार करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर ने अपने संबोधन में कहा कि कुष्ठ रोग अब लाइलाज नहीं है और समय पर पहचान तथा MDT दवा के माध्यम से इसका पूर्ण उपचार संभव है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से सर्वे के दौरान एक भी संदिग्ध मरीज न छूटने देने की अपील की। वहीं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. राज ने पल्स पोलियो अभियान की सफलता के लिए शत-प्रतिशत बच्चों के कवरेज पर विशेष जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस भी कराई गई तथा प्रश्नोत्तरी सत्र के माध्यम से उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। इसके अलावा फील्ड विजिट की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण किट एवं प्रचार-प्रसार सामग्री वितरित की गई।
इस अवसर पर संस्था प्रभारी, बीईई, सुपरवाइजर, एएनएम, एमपीडब्ल्यू सहित क्षेत्र की समस्त मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
