सिंघनपुरी के महामाया मंदिर भूमि विवाद ने पकड़ा तूल ! किसान ने शिक्षक समेत तीन पर लगाया जातीय उत्पीड़न, मारपीट और बंदूक दिखाकर धमकाने का आरोप


बेमेतरा टाइम्स । ग्राम सिंघनपुरी में महामाया समिति की भूमि को लेकर विवाद अब गंभीर कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े किसान साधेलाल सतनामी ने थाना चंदनू के नाम अनु. जाति /अनु. जनजाति पुलिस थाना बेमेतरा में लिखित शिकायत देकर गांव के तीन लोगों पर जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट, धार्मिक प्रतीक का अपमान और बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायत के अनुसार साधेलाल सतनामी पिछले लगभग चार वर्षों से महामाया समिति की करीब 4 एकड़ भूमि पर खेती कर रहे हैं। उनका दावा है कि भूमि को खेती योग्य बनाने के लिए उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर समतलीकरण, मेडबंदी और अन्य कृषि कार्य करवाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि 14 जून को जब वह खेत पहुंचे तो गांव के हरीश अवस्थी, मनोज अवस्थी और आयुष अवस्थी कथित रूप से भूमि पर जबरन जोताई कर रहे थे।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और कहा कि यह भूमि उनके पूर्वजों की है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं और उनकी धार्मिक आस्था से जुड़ी सतनाम धर्म की पवित्र कंठीमाला को तोड़कर उसका अपमान किया गया।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि हरीश अवस्थी, जो स्वयं को पूर्व सैनिक एवं वर्तमान में शासकीय विद्यालय का शिक्षक बताते हैं, ने कथित रूप से बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद पीड़ित ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर खतरा जताया है।

साधेलाल सतनामी ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के विरुद्ध एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, मारपीट, धमकी, धार्मिक भावनाएं आहत करने और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही शिक्षक हरीश अवस्थी के खिलाफ विभागीय जांच कर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।

फिलहाल मामले की शिकायत आजक थाना में दी गई है। पुलिस द्वारा शिकायत की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। भूमि विवाद और जातीय उत्पीड़न के आरोपों ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।

वर्सन 

मै आर्मी से रिटायर्ड हूं, किंतु आप किसी से भी पूछ ले मेरे पास बंदूक नहीं है, मारपीट उनके द्वारा की गई है, बात आगे मत बढ़े करके हम लोग केवल बीच बचाव ही किए हैं, हम तीनो पर उनके द्वारा लगाए गए सारे आरोप झूठे एंव निराधार है !

हरीश अवस्थी, रिटायर्ड आर्मी, शिक्षक एवं ग्रामीण सिंघनपुरी 



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