शिकायत के अनुसार किसान ने अप्रैल 2026 में बेमेतरा स्थित लीलाधर ओमप्रकाश राठी कृषि केन्द्र से स्वीट कॉर्न मधुराज का 1 पैकेट (1 किलोग्राम) तथा स्वीट कॉर्न रोजी के 4 पैकेट (प्रत्येक 1 किलोग्राम) खरीदे थे। इन बीजों की बोवाई उन्होंने अपनी 5 एकड़ कृषि भूमि में कृषि विभाग की अनुशंसित विधि के अनुसार की। सिंचाई, खाद, दवाई और अन्य कृषि कार्यों पर भारी खर्च करने के बावजूद खेत में तैयार हुए पौधों में एक भी भुट्टा नहीं लगा।
किसान का कहना है कि पूरी फसल उत्पादन विहीन रह गई, जिससे लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि लगभग एक माह पहले इस संबंध में कृषि केन्द्र संचालक को शिकायत की थी, लेकिन केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया और कोई समाधान नहीं किया गया।
प्रार्थी ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं, बल्कि किसान के साथ गंभीर छल, विश्वासघात और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से खेत का मौके पर निरीक्षण कराया जाए, बीज की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, हुए नुकसान का नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाया जाए तथा दोषपूर्ण बीज बेचने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में अन्य किसानों के साथ इस प्रकार की घटना दोबारा न हो।
किसान सुधीर कुमार ठाकुर ने 27 जुलाई को कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
वर्सन
हम विक्रेता है, हम हमेशा किसानों के साथ है, अगर ऐसा है तो किसान और बीज कम्पनी को एक साथ बैठाकर इस सम्बन्ध मे चर्चा करेंगे, हम भी चाहेंगे कि किसान को हुए नुकसान की भरपाई हो !
लीलाधर ओमप्रकाश राठी कृषि केन्द्र बेमेतरा
