57 लाख घोटाले के बाद भी नहीं बदले हालात : 10 पैसे के बकाया में अटके 1.25 लाख रूपये, किसान दफ्तरों के काट रहा चक्कर


बेमेतरा टाइम्स । सेवा सहकारी समिति मर्यादित मुरता में 57 लाख रुपये के कथित गबन और धोखाधड़ी मामले में जांच के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद किसानों की समस्याएं कम होती नजर नहीं आ रही हैं। कार्रवाई के बाद भी किसानों को अपने ही हक की राशि पाने के लिए विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

मुरता निवासी किसान आत्मा साहू ने बताया कि उनकी माता फेकन बाई साहू का निधन हो चुका है। धान बिक्री की लगभग ₹1.25 लाख की राशि उनके खाते में जमा है, लेकिन खाते में महज 10 पैसे का बकाया कर्ज दर्ज होने के कारण भुगतान उत्तराधिकारी के खाते में स्थानांतरित नहीं हो पा रहा है।

पीड़ित किसान का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए वह लगातार सेवा सहकारी समिति मुरता और नवागढ़ शासकीय बैंक के चक्कर लगा रहा है। समिति में जाने पर बैंक भेज दिया जाता है, जबकि बैंक पहुंचने पर मामला समिति का बताकर वापस लौटा दिया जाता है। दोनों विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने की स्थिति से किसान को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।

किसान का कहना है कि महज 10 पैसे के बकाया के कारण 1.25 लाख रूपये का भुगतान अटक जाना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर तकनीकी बाधा दूर करते हुए उत्तराधिकारी के खाते में भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।

किसानों का कहना है कि जब करोड़ों और लाखों के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, तब 10 पैसे की तकनीकी त्रुटि के कारण गरीब किसान के लाखों रुपये रोकना न्यायसंगत नहीं है। अब पीड़ित परिवार प्रशासन से त्वरित समाधान की उम्मीद लगाए बैठा है।

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