काम बदलिए, कर्मचारी नहीं—5 हजार मीटर रीडरों पर रोजगार का संकट ! सरकार से मांगा विभाग में तत्काल समायोजन

स्मार्ट-प्रिपेड मीटर व्यवस्था के बीच कलेक्टरों को ज्ञापन, विभाग के अन्य कार्यों में समायोजन की उठी मांग


बेमेतरा टाइम्स । छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर, प्रीपेड मीटर एवं ऑटो पंचिंग जैसी नई तकनीकी व्यवस्थाओं के चलते वर्षों से विद्युत विभाग की बिलिंग एवं फील्ड व्यवस्था में सेवाएं दे रहे करीब 5 हजार मीटर रीडरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होने का मामला सामने आया है। विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़ ने इन अनुभवी कर्मियों के रोजगार संरक्षण की मांग को लेकर बुधवार, 9 सितंबर को प्रदेश के सभी 33 जिला कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपने का अभियान शुरू किया है। इसी तारतम्य में बेमेतरा के रीडरो द्वारा भी कलेक्टर को ज्ञापन सौपा गया !

बेमेतरा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने कहा है कि मीटर रीडरों ने वर्षों तक विद्युत उपभोक्ताओं की बिलिंग, मीटर रीडिंग एवं विभिन्न फील्ड कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तकनीकी व्यवस्था में बदलाव के कारण यदि मीटर रीडिंग का कार्य कम होता है तो वर्षों का अनुभव रखने वाले इन कर्मियों को बेरोजगार करने के बजाय उनकी योग्यता, अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर विद्युत विभाग के अन्य कार्यों में संयोजित अथवा समायोजित किया जाए।

KYC से लेकर सर्वे और मीटर सत्यापन तक काम लेने की मांग

संघ ने मांग की है कि मीटर रीडरों की सेवाओं का उपयोग KYC, स्मार्ट मीटर संबंधी फील्ड कार्य, मीटर सत्यापन, उपभोक्ता सर्वे, डाटा सत्यापन, शिकायत निराकरण, कनेक्शन सत्यापन सहित विभाग के अन्य आवश्यक कार्यों में किया जाए।

ज्ञापन में कहा गया है कि विभाग द्वारा वर्तमान में भी मीटर रीडरों से बिलिंग के अतिरिक्त विभिन्न फील्ड कार्य कराए जा रहे हैं। ऐसे में उनके अनुभव का उपयोग दूसरे विभागीय कार्यों में किया जाना व्यावहारिक और रोजगार संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

40-50 वर्ष की उम्र में रोजगार छिनने का डर

संघ ने विशेष रूप से बताया कि कई मीटर रीडर अब 40 से 50 वर्ष की आयु के हो चुके हैं और उन्हें करीब 10 से 15 वर्षों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। इस उम्र में अचानक रोजगार समाप्त होने से उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

संघ ने मांग की है कि इन कर्मचारियों की उम्र, दीर्घकालीन सेवा-अनुभव एवं विभागीय कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए उन्हें विद्युत विभाग के अंतर्गत उपलब्ध उपयुक्त कार्यों में प्राथमिकता के आधार पर रखा या समायोजित किया जाए।

CSPDCL और ऊर्जा विभाग तक मामला भेजने की मांग

ज्ञापन में जिला प्रशासन से लगभग 5 हजार मीटर रीडरों के रोजगार संरक्षण का मामला छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) एवं ऊर्जा विभाग को तत्काल भेजकर ठोस निर्णय की अनुशंसा करने की मांग की गई है। साथ ही अंतिम निर्णय होने तक उपलब्ध विभागीय कार्यों में मीटर रीडरों की सेवाएं जारी रखने के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया गया है।

संघ ने अपने अभियान का संदेश स्पष्ट शब्दों में दिया है

“तकनीक बदले, कार्य व्यवस्था बदले, लेकिन वर्षों से सेवा दे रहे मीटर रीडरों का रोजगार न छिने।”

ज्ञापन में मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग, श्रम विभाग, प्रबंध संचालक CSPDCL तथा संबंधित मुख्य अभियंताओं को भी प्रतिलिपि भेजकर रोजगार संरक्षण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।

विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव, उपाध्यक्ष अशोक कुमार साहू, महासचिव गजानंद यादव, कोषाध्यक्ष कमलू राम नेताम, सलाहकार मनोज कौशिक, मीडिया प्रभारी भोलेनाथ बघेल एवं सदस्य सुरेंद्र कुमार सहित पदाधिकारियों ने इस अभियान को प्रदेशभर के मीटर रीडरों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है।


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