वार्डवासियों ने कलेक्टर बेमेतरा को सौंपे आवेदन में कहा है कि उक्त भूमि वार्ड के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोग की भूमि है। ऐसे में किसी संस्था अथवा समाज को भूमि आबंटित किए जाने से पहले स्थानीय निवासियों की आवश्यकता, जनहित और उनकी आपत्तियों पर विचार किया जाना आवश्यक है।
आवेदन में वार्डवासियों ने प्रशासन से उक्त भूमि की वर्तमान स्थिति, स्वामित्व, उपयोगिता तथा राजस्व एवं नगर पालिका अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा गया है कि किसी भी प्रकार के आबंटन अथवा हस्तांतरण से पहले वार्डवासियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।
वार्डवासियों की प्रमुख मांगें
▪️खसरा क्रमांक 1418/5, टुकड़ा क्रमांक 0010 के आबंटन की कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाई जाए।
▪️भूमि से संबंधित राजस्व एवं नगर पालिका अभिलेखों की जांच कराई जाए।
▪️किसी भी आबंटन अथवा हस्तांतरण से पहले वार्डवासियों की आपत्ति और जनभावना को ध्यान में रखा जाए।
▪️भूमि के उपयोग में स्थानीय जरूरत और व्यापक जनहित को प्राथमिकता दी जाए।
वार्डवासियों ने स्पष्ट किया कि वे पेंशनर समाज के विरोध में नहीं हैं, लेकिन सार्वजनिक महत्व की भूमि के संबंध में कोई भी निर्णय स्थानीय जनहित और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर ही लिया जाना चाहिए।
आवेदन की प्रतिलिपि एसडीएम बेमेतरा, तहसीलदार बेमेतरा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी बेमेतरा को भी सौंपी गई है। आवेदन में वार्डवासी एवं एल्डरमैन कमलेश वर्मा, भीखम कुमार, गोनू कोराने, गोविन्द पाल, अमर सिंह सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
