चिखला ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का आरोप—सर्वे में पात्र पाए जाने के बाद भी सूची से नाम काटे गए, सरपंच-सचिव पर जवाब नहीं देने का आरोप।
आवेदन के अनुसार, 24 जून 2026 को आयोजित ग्रामसभा में आवास प्लस 2.0 की पात्र सूची का अनुमोदन किया गया था। साथ ही विवादित (अपात्र) सूची में शामिल कई हितग्राहियों को पात्र मानते हुए उनके नाम जोड़ने का भी प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बावजूद अब तक उनके नाम पात्र सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सर्वे सचिव द्वारा किया गया था और सभी दस्तावेज सही पाए गए थे, फिर भी अंतिम सूची में उनके नाम अपात्र कर दिए गए। वहीं, आरोप है कि जिन लोगों को वर्ष 2011 में पहले ही आवास का लाभ मिल चुका है अथवा जो पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते, उनके नाम सूची में शामिल हैं। इससे वास्तविक जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
आवेदकों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामसभा के दौरान जब उन्होंने सरपंच और सचिव से कारण पूछा तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और "जहां जाना है, वहां जाओ" कहकर टाल दिया गया।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि (अपात्र) सूची में शामिल पात्र हितग्राहियों के नाम तत्काल पात्र सूची में जोड़े जाएं, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। इससे पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ समय पर मिल सके।
