संदिग्ध खाते से 95 लाख का ट्रांजैक्शन
थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा को सूचना मिली कि इंडियन ओवरसीज बैंक की बेमेतरा शाखा में संचालित एक बैंक खाता साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। जांच में यह खाता दुष्यंत कुमार साहू (21 वर्ष), निवासी ग्राम जेवरा के नाम पर मिला।
बैंक स्टेटमेंट की जांच में 18 सितंबर 2024 से 31 मई 2025 के बीच खाते में 95,09,031 रुपये जमा और 94,92,342 रुपये निकासी होना सामने आया।
आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के पीड़ितों की रकम मिली
सरकारी साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के अनुसार 2 जनवरी 2025 को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम निवासी रामकृष्ण राजू से ऑनलाइन ठगी कर 9,800 रुपये तथा तमिलनाडु के तिरुवल्लूर निवासी गुरुशंकर से 9,200 रुपये ठगकर आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
प्रथम दृष्टया आरोपी द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का उपयोग एवं संवर्धन करना पाए जाने पर उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 318(4) एवं 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया।
पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ग्राम खाती निवासी राहुल साहू के कहने पर उसने अपना तथा ग्राम ताला और ग्राम जिया सहित कई लोगों के बैंक खाते खुलवाए। बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड राहुल साहू को सौंप दिए जाते थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
आरोपी के कब्जे से बैंक ऑफ महाराष्ट्र की पासबुक भी जब्त की गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
आरोपी दुष्यंत कुमार साहू को 9 जुलाई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक सोनल ग्वाला, एएसआई रेशम लाल भास्कर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक निधि गुप्ता, सूरज कुमार जांगड़े, आरक्षक पुरुषोत्तम कुंभकार, सौरभ सिंह सहित थाना एवं साइबर सेल की टीम की सराहनीय भूमिका रही।
