तहसीलदार का आदेश बेअसर ! बसनी में 10-12 एकड़ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप, पंचायत ने कलेक्टर से मांगी सख्त कार्रवाई


बेमेतरा टाइम्स । ग्राम पंचायत बसनी में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर गरमा गया है। ग्राम पंचायत ने आरोप लगाया है कि तहसीलदार के निर्देश और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद तय तिथि में अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। पंचायत ने अब कलेक्टर से जिला स्तर पर पुनः तिथि निर्धारित कर पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कराने की मांग की है।

ग्राम पंचायत बसनी की ओर से कलेक्टर को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि तहसीलदार के ज्ञापन क्रमांक 2070 दिनांक 2 मई 2025 के तहत ग्राम पंचायत बसनी, प.ह.नं. 35 में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके तहत 17 जून 2025 को ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद पंचायत ने 1 जुलाई 2025 को तहसीलदार को कार्रवाई की जानकारी दी।

आवेदन के अनुसार, तहसीलदार द्वारा पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए थाना प्रभारी एवं पंचायत को पत्र क्रमांक 658 दिनांक 8 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था तथा 10 दिसंबर 2025 को अतिक्रमण हटाने की तिथि निर्धारित की गई थी। हालांकि नियत तिथि में अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका।

पंचायत का कहना है कि कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ रहे हैं। आवेदन में दावा किया गया है कि हाल ही में जनदर्शन में भी अतिक्रमण से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं तथा करीब 10 से 12 एकड़ शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की बात सामने आई है।

आवेदन में ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच पुनाराम पाठक एवं उनके परिवार से जुड़े लोगों पर भी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण तथा बिना पंचायत प्रस्ताव के पट्टा जारी किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पंचायत ने इन आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ग्राम पंचायत ने कलेक्टर से शासकीय भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए पुनः तिथि निर्धारित कर पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी करने का आग्रह किया है। साथ ही आवेदन में यह भी कहा गया है कि जिन लोगों के पास रहने के लिए कोई अन्य स्थान नहीं है, उनके मामले में नियमानुसार मानवीय आधार पर आवश्यक व्यवस्था करते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।

ग्रामवासियों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन के माध्यम से पंचायत ने प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

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