रात तक कलेक्ट्रेट में गूंजा गौसेवकों का आक्रोश, सुबह चला प्रशासन का डंडा ! हेमाबंद में पिता-पुत्र गिरफ्तार, सचिव निलंबित, 126 गौवंश सुरक्षित

कलेक्ट्रेट घेराव और राततक चले धरने के बाद प्रशासन की कार्रवाई तेज—मृत पशुओं की मौत का कारण तलाशने तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक टीम गठित, शासकीय भूमि से अतिक्रमण भी हटाया गया


बेमेतरा टाइम्स । तहसील दाढ़ी अंतर्गत ग्राम हेमाबंद में आवारा एवं घुमंतू पशुओं को कथित रूप से अनाधिकृत तरीके से बंधक बनाकर रखे जाने और उनकी बदहाली के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले को लेकर गौसेवकों द्वारा कलेक्ट्रेट के सामने किए गए धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज करते हुए 126 पशुओं को मौके से हटाकर जिले की अलग-अलग गौशालाओं में सुरक्षित व्यवस्थापित कराया है।

प्रशासन के अनुसार हेमाबंद में पशुओं को अनाधिकृत रूप से रखे जाने की सूचना मिलने पर पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक को तत्काल मौके पर भेजकर जांच कराई गई। जांच में शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाए जाने पर संबंधित दिलीप राय के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

पिता-पुत्र गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर पेश

मामले में पुलिस ने दिलीप राय उम्र 55 वर्ष और उसके पुत्र संजय राय उम्र 35 वर्ष, निवासी हेमाबंद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया है। पुलिस के अनुसार प्रकरण में बीएनएस की धारा 325, 299, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(ज) तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत कार्रवाई की गई है।


126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, गौशालाओं में सुरक्षित व्यवस्था

मौके पर मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को वहां से हटाकर जिले की अन्य गौशालाओं में सुरक्षित रूप से भेजा गया है। प्रशासन ने संबंधित गौशालाओं में पशुओं के स्वास्थ्य और आवश्यक उपचार की निगरानी के लिए विषय-विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी है। इससे बीमार अथवा कमजोर पशुओं के उपचार और देखभाल की नियमित निगरानी की जाएगी।

मृत पशुओं की मौत का राज खोलेगी तीन डॉक्टरों की टीम

जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए हैं। इनकी मौत किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण और जांच की जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मृत पशुओं की वास्तविक संख्या और मौत के कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।


सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया, ट्रैक्टर पर भी कार्रवाई

प्रशासन ने आरोपी द्वारा कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी 25 अगस्त को पूरी कर ली है।वहीं, अपने दायित्व के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में ग्राम पंचायत हेमाबंद के सचिव प्रकाश कोशले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पशुओं के संबंध में उपयोग किए गए जप्त ट्रैक्टर के राजसात की कार्रवाई भी पुलिस ने प्रारंभ कर दी है।

गौसेवकों के आंदोलन के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन

गौरतलब है कि हेमाबंद में गौवंशों की कथित मौत और बदहाली का मामला सामने आने के बाद गौसेवकों ने बेमेतरा कलेक्ट्रेट का घेराव किया था। गौसेवक कलेक्टर से सीधे बातचीत की मांग को लेकर शाम से देर रात तक धरने पर बैठे रहे। मौके पर एडीएम प्रकाश भारद्वाज, एसडीएम दिव्या पोटाई सहित पुलिस और राजस्व विभाग का अमला मौजूद रहा।

अब प्रशासन द्वारा की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि, मृत पशुओं की वास्तविक संख्या और उनकी मौत के कारणों की जांच रिपोर्ट सामने आना अभी बाकी है।

अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

हेमाबंद मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पशुओं को सुरक्षित कराया, आरोपियों को गिरफ्तार किया, अतिक्रमण हटाया और पंचायत सचिव को निलंबित किया है। लेकिन अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल मृत पशुओं की मौत का कारण है।

तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक टीम की रिपोर्ट यह तय करेगी कि गौवंशों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए किसी की जिम्मेदारी बनती है या नहीं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी तथा पशुओं की सुरक्षा, संरक्षण और उनके साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


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