मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा एवं केदार जैन ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत शिक्षक संवर्ग की समस्याओं का लंबे समय से निराकरण नहीं हो पाया है। उन्होंने शासन से मांगों पर त्वरित निर्णय लेते हुए आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से उठीं ये मांगें
1. सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त हो
मोर्चा ने सेवारत शिक्षक संवर्ग के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट द्वारा TET संबंधी निर्धारित समय-सीमा का उल्लेख करते हुए सेवारत शिक्षकों के हित में आवश्यक निर्णय लेने की मांग की गई है।
2. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना
एलबी संवर्ग के शिक्षकों की पंचायत संवर्ग में हुई प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करते हुए पूर्ण पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू समस्त लाभ प्रदान करने की मांग की गई है।
3. केंद्रीय वेतनमान के आधार पर वेतन निर्धारण
शिक्षक संवर्ग में लंबित वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए केंद्रीय वेतनमान संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण किए जाने की मांग मोर्चा ने रखी है।
4. भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन
13 फरवरी 2026 को जारी छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग की गई है।
5. B.Ed शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स
B.Ed प्रशिक्षित शिक्षक संवर्ग को शिक्षा विभाग की योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
मोर्चा ने कहा कि शिक्षक प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उनकी लंबित मांगों को केवल आश्वासन तक सीमित न रखते हुए शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लेकर आदेश जारी किया जाना चाहिए। संगठन ने सरकार से शिक्षक हित में सकारात्मक एवं त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
