प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधान पाठक वैष्णव बीते कई दिनों से बिना पूर्व सूचना के अपने कर्तव्य से अनुपस्थित थे। इसी दौरान उनके द्वारा शराब के नशे में उत्पात किए जाने तथा समझाइश देने पहुंचे पुलिस अधिकारी के साथ कथित रूप से बदसलूकी किए जाने की जानकारी सामने आई। मामले को विभाग ने गंभीरता से लेते हुए उनके आचरण को शासकीय सेवक की गरिमा एवं विभागीय छवि के विपरीत माना।
विभागीय जांच में उनका उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम (1), (2), (3) एवं नियम 23 के विपरीत पाया गया। इसके आधार पर उनके कृत्य को कदाचरण की श्रेणी में मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि में प्रधान पाठक त्रिभुवन दास वैष्णव का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, नवागढ़ निर्धारित किया गया है। उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा। शासकीय शिक्षक द्वारा अनुशासनहीनता और पुलिस अधिकारी से बदसलूकी के आरोपों पर हुई इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
