अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर, खेत में फंसे पांच लोग
मॉकड्रिल के तहत बेमेतरा ब्लॉक के ग्राम अमोरा के समीप नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति बनाई गई। खेत में काम कर रहे दो पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा तेज बहाव के बीच फंस गए। पानी बढ़ता देख सभी ऊंचे स्थान पर पहुंचकर मदद के लिए आवाज लगाने लगे। ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 और जिला कंट्रोल रूम को सूचना दी।
सूचना मिलते ही कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने एनडीआरएफ की रायपुर यूनिट को तत्काल सूचना देकर रेस्क्यू टीम रवाना करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस विभाग को भी अलर्ट किया गया।
रबर बोट और रस्सियों के सहारे रेस्क्यू
एनडीआरएफ की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। तेज जल बहाव और कीचड़ के बीच जवानों ने रबर बोट एवं रस्सियों की सहायता से बचाव अभियान शुरू किया। प्रशिक्षित जवानों ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए दो पुरुषों, दो महिलाओं और एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।
मॉकड्रिल को वास्तविक आपदा जैसा बनाने के लिए एक बच्चे को बेहोशी की हालत में दिखाया गया। उसके पेट में पानी चले जाने के कारण स्थिति गंभीर बताई गई। एनडीआरएफ के मेडिकल ऑफिसर ने मौके पर प्राथमिक उपचार करते हुए सीपीआर दिया। करीब 10 मिनट के प्रयास के बाद बच्चे ने सांस लेना शुरू किया और उसे होश में लाया गया। इसके बाद सभी पांच लोगों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साजा भेजा गया।
बेहतर समन्वय से सफल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
मॉकड्रिल के दौरान जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने रेस्क्यू किए गए लोगों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली और बचाव दल की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमों की तत्परता तथा आपसी समन्वय से आपात स्थिति में जनहानि को कम किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेने और बारिश के दौरान नदी-नालों तथा अन्य जलस्रोतों के आसपास नहीं जाने की अपील की।
मानसून को देखते हुए पहले से तैयार है रेस्क्यू सिस्टम
एसडीआरएफ कमांडेंट ने बताया कि मानसून को ध्यान में रखते हुए जिले में रेस्क्यू बोट, लाइफ जैकेट, आवश्यक बचाव उपकरण और प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम को पहले से तैयार रखा गया है। मॉकड्रिल का उद्देश्य आपदा के समय उपलब्ध संसाधनों और टीमों की कार्यक्षमता को परखना तथा कम से कम समय में प्रभावित लोगों तक राहत एवं बचाव पहुंचाना है।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नाले, तालाब और अन्य जलस्रोतों के पास जाने से बचें। बच्चों को जलभराव वाले स्थानों से दूर रखें और उन्हें अकेले नदी-नालों के आसपास न जाने दें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 अथवा जिला कंट्रोल रूम को सूचना दें।
मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल, अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज, एसडीएम द्वय सुश्री दीप्ति वर्मा एवं सुश्री पिंकी मनहर सहित जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
