शिकायत के अनुसार नेतराम साहू ने ग्राम सोमाईकला निवासी नेतराम लोधी से खसरा नंबर 285/5, रकबा 0.08 हेक्टेयर भूमि 9 लाख 50 हजार रुपये में खरीदी है। इसके लिए 18 जुलाई 2025 को विधिवत रजिस्ट्री कराई गई और वर्तमान में भूमि उनके नाम दर्ज है। पीड़ित का कहना है कि भूमि का सीमांकन भी कराया जा चुका है।
आरोप है कि रजिस्ट्री एवं सीमांकन के बाद से ही कुछ लोगो द्वारा जमीन छोड़ने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए नेतराम साहू ने भूमि के चारों ओर पोल और जालीदार तार से घेरा किया था।
29 जुलाई 2026 को विवाद ने लिया हिंसक रूप
शिकायत में बताया गया है कि 29 जुलाई 2026 को तीनों आरोपितों ने कथित तौर पर जमीन पर लगाए गए पोल और जालीदार तार को तोड़कर फेंक दिया। जब नेतराम साहू ने इसका विरोध किया तो उनके साथ कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद वह शिकायत दर्ज कराने साजा थाना पहुंचा था, लेकिन शिकायत प्रस्तुत करने के बावजूद पुलिस द्वारा तत्काल उचित कार्रवाई नहीं की गई और उसे वापस भेज दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद से वह और उसका परिवार भय के माहौल में हैं।
कलेक्टर से कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार
नेतराम साहू ने कलेक्टर से पूरे मामले की तत्काल जांच कराने तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और जबरन कब्जे के प्रयास के संबंध में प्रचलित कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी गुहार लगाई है।
शिकायत के साथ भूमि का नजरी नक्शा, बी-1, पी-2, नक्शे की प्रतिलिपि तथा सीमांकन संबंधी दस्तावेज संलग्न किए गए हैं। अब देखना यह है कि विधिवत रजिस्ट्री और सीमांकन के बावजूद जमीन पर कब्जे के आरोपों तथा पुलिस पर लगाए गए निष्क्रियता के आरोपों को प्रशासन कितनी गंभीरता से लेता है।
