एसडीएम सिमगा अतुल शेट्टे ने बताया कि जांच के दौरान सीमा पेट्रोल पम्प में व्यवसायिक वाहनों को खुलेआम डीजल दिया जा रहा था, वहीं 10 से 15 लीटर के जरिकेन और डिब्बों में भी डीजल का विक्रय किया जा रहा था। मौके पर मौजूद वाहन मालिकों ने भी इसकी मौखिक शिकायत प्रशासन से की।
जांच के दौरान पेट्रोल पम्प संचालक सत्येन्द्र कुमार सिंह ने स्वयं स्वीकार किया कि लगभग 50 लोगों को जरिकेन में डीजल दिया गया था, जिसके कारण पेट्रोल पम्प में भारी भीड़ लगी हुई थी।
प्रशासनिक जांच में स्टॉक ऑटोमेशन मशीन, भूमिगत टैंक तथा स्टॉक पंजी में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद दामाखेड़ा चौकी प्रभारी की उपस्थिति में पेट्रोल पम्प को सील करने की कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों के विरुद्ध कार्य करने वाले किसी भी पेट्रोल पम्प संचालक के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
