दिवंगत कर्मचारी के परिवार को बड़ी राहत: सुनीता जांगड़े को मिली अनुकम्पा नियुक्ति, तहसील कार्यालय बेमेतरा में बनीं भृत्य


बेमेतरा ! राज्य शासन के निर्देशों एवं आयुक्त दुर्ग संभाग से प्राप्त अनुमति के पश्चात दिवंगत शासकीय सेवक स्वर्गीय श्री सुभाष जांगड़े की पत्नी श्रीमती सुनीता जांगड़े को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है। उन्हें तहसील कार्यालय बेमेतरा में रिक्त भृत्य पद पर पदस्थ किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार ग्राम एवं पोस्ट झाल, तहसील नवागढ़ निवासी श्रीमती सुनीता जांगड़े को पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-01 के अंतर्गत 15 हजार 600 रुपये से 49 हजार 400 रुपये प्रतिमाह वेतनमान के साथ शासन द्वारा समय-समय पर स्वीकृत महंगाई भत्तों का लाभ दिया जाएगा। नियुक्ति उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावशील होगी।

तीन वर्ष तक रहेगी परिवीक्षा अवधि

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति प्रारंभिक रूप से अस्थायी होगी तथा उनकी परिवीक्षा अवधि तीन वर्ष निर्धारित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर एक माह का नोटिस देकर सेवा समाप्त की जा सकेगी।

स्वास्थ्य और चरित्र सत्यापन जरूरी

कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी स्वास्थ्य उपयुक्तता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही चरित्र सत्यापन में किसी प्रकार की प्रतिकूल जानकारी पाए जाने पर सेवा समाप्त की जा सकेगी।

मूल दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा अनिवार्य

नियुक्ति आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्यभार ग्रहण करते समय सभी मूल प्रमाण-पत्र परीक्षण हेतु प्रस्तुत करना आवश्यक होगा तथा उनकी छायाप्रति कार्यालय में जमा करनी होगी।

परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी तय

अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने वाली आवेदिका को दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभानी होगी। यदि भविष्य में परिवार की उपेक्षा किए जाने की पुष्टि होती है, तो नियुक्ति समाप्त की जा सकती है।

एक सप्ताह के भीतर जॉइनिंग के निर्देश

आदेशानुसार नियुक्त आवेदिका को पदस्थ कार्यालय में एक सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य किया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि एक बार अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने के बाद किसी अन्य पद पर परिवर्तन की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।

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