डीजल के लिए किसान बेहाल: टंकी तक ट्रैक्टर ले जाना बना मजबूरी, खेती छोड़ लाइन में कट रहा दिन!


“पेट्रोल पंप का नया नियम किसानों पर भारी — आधा पैसा रास्ते में, आधा डीजल में!”

“खेती के मौसम में किसानों की मुश्किल बढ़ी: डीजल लेने ट्रैक्टर लेकर पहुंचना अनिवार्य”

बेमेतरा । जिले में खेती-किसानी का कार्य लगभग शुरू हो चुका है, लेकिन इसी बीच पेट्रोल पंपों पर बनाए गए नए नियम ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। किसानों का आरोप है कि अब डीजल देने से पहले ट्रैक्टर को सीधे पेट्रोल पंप तक लाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना ट्रैक्टर पहुंचे डीजल देने से मना किया जा रहा है, जिससे दूर-दराज गांवों के किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि खेतों में काम छोड़कर केवल डीजल लेने के लिए ट्रैक्टर लेकर कई किलोमीटर दूर पेट्रोल पंप तक जाना पड़ रहा है। इससे उनका पूरा दिन खराब हो रहा है और खेती का महत्वपूर्ण समय भी बर्बाद हो रहा है। जिन गांवों की दूरी ज्यादा है, वहां के किसानों का आधा पैसा केवल आने-जाने के डीजल में ही खर्च हो जा रहा है।

ग्रामीण किसानों ने बताया कि पहले वे ड्रम या गैलन में डीजल भराकर आसानी से खेतों तक ले जाते थे, लेकिन अब पंप संचालकों द्वारा ट्रैक्टर या वाहन की उपस्थिति अनिवार्य किए जाने से स्थिति बेहद कठिन हो गई है। खासकर छोटे और सीमांत किसान इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

किसानों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए और खेती-किसानी के समय किसानों को राहत देने के लिए व्यावहारिक व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि किसानों का समय और पैसा दोनों बच सके।

ग्रामीण क्षेत्रों में इस नियम को लेकर लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है और किसान इसे खेती-किसानी के समय अनावश्यक परेशानी बताकर जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post