शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए नगर पंचायत दाढ़ी ने उन्हें नगर पालिका परिषद बेमेतरा में कार्यभार ग्रहण करने हेतु भारमुक्त कर दिया। हालांकि, सूत्रों के अनुसार भारमुक्ति आदेश जारी होने के बाद भी दुष्यंत ठाकुर द्वारा अब तक नगर पालिका परिषद बेमेतरा में कार्यभार ग्रहण नहीं किए जाने की चर्चा है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानांतरण आदेशों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी बीच रायपुर के ठेकेदार अजय गायकवाड़ द्वारा उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव, विभागीय सचिव और संचालक नगरीय प्रशासन को शिकायत भेजकर दुष्यंत ठाकुर की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि नगर पंचायत की पार्षद निधि और अधोसंरचना मद के कार्यों में अनियमितताएं की गईं तथा भुगतान के एवज में कमीशन मांगने का दबाव बनाया गया।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्वीकृत अटल परिसर निर्माण कार्य में आबंटित राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्यों और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और कार्यालयीन अभिलेख अन्य अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की पहुंच से दूर रखे गए।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानांतरण आदेश के बावजूद लंबे समय तक दाढ़ी नगर पंचायत में पदस्थ रहना, सुशासन तिहार में उनके खिलाफ दर्ज शिकायतें तथा सविलियन संबंधी विवादों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
शिकायतकर्ता ने राज्य शासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की है। वहीं, दुष्यंत ठाकुर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मामला प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वही मामले पर दुष्यंत ठाकुर का कहना है कि सितंबर 2024 में मेरा स्थानांतरण ही नहीं हुआ था, यह पूरे तरीके से फर्जी है, 3 जून को हुए भार मुक्त आदेश की कॉपी मुझे अभी तक अप्राप्त है ! ठेकेदार द्वारा मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार है !
आगे भी इस संबंध में समाचार आपको जल्द मिलेगी, तब तक के लिए बने रहिए बेमेतरा टाइम्स पर...............