संघर्ष, जुनून और सृजन की मिसाल ! छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘मोर वाली अलग हे’ बनी बिना बड़े बजट के दमदार सिनेमाई कहानी — आनंद मनिकपुरी और प्रवीण साहू की जोड़ी ने रचा इतिहास


बेमेतरा/छत्तीसगढ़ । छत्तीसगढ़ी सिनेमा जगत में एक और प्रेरणादायक फिल्म के रूप में “मोर वाली अलग हे” चर्चा का केंद्र बन गई है। यह फिल्म न सिर्फ अपनी कहानी बल्कि इसके पीछे छिपे संघर्ष और जुनून के कारण भी सुर्खियों में है।

इस फिल्म के निर्माता आनंद मनिकपुरी और प्रवीण साहू हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद एक मजबूत और भावनात्मक फिल्म को आकार दिया है। फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसकी कहानी स्वयं आनंद मनिकपुरी ने लिखी है और उन्होंने ही इसका निर्देशन भी किया है, जिससे यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से एक क्रिएटिव विज़न का परिणाम बन गया है।

फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में आनंद मनिकपुरी के साथ रितु विश्वकर्मा, शौर्य सिंह राठौर, अमनकांत और विनोद उपाध्याय नजर आएंगे। सभी कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों में गहराई और वास्तविकता लाने की कोशिश की है।

संगीत की बात करें तो फिल्म के गीतों को छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक सुनील सोनी ने अपनी आवाज दी है, जबकि गीतों के बोल और संगीत संयोजन राहुल डडसेना द्वारा तैयार किए गए हैं, जो फिल्म के भावनात्मक प्रभाव को और मजबूत बनाते हैं।

निर्माताओं के अनुसार, यह फिल्म बिना किसी बड़े बजट, भारी-भरकम संसाधन या बाहरी सहारे के, केवल टीम की मेहनत, समर्पण और विश्वास के बल पर तैयार की गई है। यही कारण है कि यह फिल्म छत्तीसगढ़ी सिनेमा में एक “मील का पत्थर” मानी जा रही है।

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