पढ़ाई छोड़ पुस्तक स्कैनिंग में जुटे मिले शिक्षक, शिक्षण कार्य में लापरवाही पर प्रशासन सख्त
निरीक्षण के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला खैरी में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) सुरेन्द्र कुमार बारले बिना किसी पूर्व सूचना के अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। इसे शासकीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बेरला निर्धारित किया गया है।
इसी दौरान कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, नवागढ़ के निरीक्षण में परिसर में गंदगी और अव्यवस्था मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए अधीक्षिका श्रीमती चन्द्रप्रभा बंजारे को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला नांदल के निरीक्षण में यह भी सामने आया कि शिक्षण समय के दौरान कुछ शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने के बजाय पुस्तकों की स्कैनिंग में व्यस्त थे। वहीं तीन शिक्षक अवकाश पर होने से विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। इस पर प्रशासन ने सुमेन्त खरे, तुलाराम हीरवानी, जग्गु राम चन्द्राकर, श्रीमती अनिता भानु, विजय प्रताप सिंह भारद्वाज तथा प्रधान पाठक शिवकुमार ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी संस्था प्रमुखों और शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शिक्षण अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की पुस्तक स्कैनिंग या अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं किया जाएगा। ऐसे कार्य केवल कक्षा समाप्त होने के बाद ही किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने दो टूक कहा कि शिक्षण कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय में पढ़ाई से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
