नतीजे गायब, किताबें आधी और शिक्षक नदारद : शिक्षा व्यवस्था पर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का बड़ा हमला, आंदोलन की चेतावनी

बेमेतरा टाइम्स । छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के साजा अध्यक्ष एवं जिला प्रवक्ता श्रवण कुमार साहू ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन विद्यार्थियों को आज भी मूलभूत शैक्षणिक सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा सीधे छात्रों और पालकों को भुगतना पड़ रहा है।

श्रवण कुमार साहू ने कहा कि बेमेतरा जिले सहित प्रदेश के कई जिलों में अब तक कक्षा 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। परिणाम के अभाव में विद्यार्थी और पालक असमंजस की स्थिति में हैं। नया सत्र शुरू होने के बावजूद बच्चों को अपने शैक्षणिक भविष्य को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।

उन्होंने बताया कि अधिकांश विद्यालयों में अभी तक केवल लगभग 50 प्रतिशत पाठ्य-पुस्तकें ही पहुंची हैं, जिससे कई छात्र बिना किताबों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है, लेकिन समय पर पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं कर पा रही है।

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी को भी गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि अनेक प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकेंडरी विद्यालय शिक्षक विहीन या शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। विशेष रूप से गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

संगठन ने मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग से तत्काल 5वीं एवं 8वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी करने, सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत पाठ्य-पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा रिक्त शिक्षक पदों पर शीघ्र भर्ती करने की मांग की है।

श्रवण कुमार साहू ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षा से जुड़े इन बुनियादी मुद्दों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना विद्यार्थियों, पालकों और शिक्षा प्रेमियों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रदेश के भविष्य की नींव है और इसके साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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