गौरतलब है कि अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के एवज में कथित रूप से राशि लिए जाने की शिकायत सामने आई थी। ग्राम सिंघनपुरी निवासी दिलेश बंजारे ने 11 जून 2026 को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद 12 जून को कलेक्टर कार्यालय द्वारा जांच समिति गठित कर मामले की जांच शुरू कराई गई थी।
मामले में लगातार सवाल उठ रहे थे कि जब शिकायत गंभीर है और बयान सहित कई तथ्य सामने आ चुके हैं, तब आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। इसी बीच खबरों में मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन पर जवाबदेही का दबाव बढ़ा और जांच प्रक्रिया तेज हुई। आखिरकार जांच समिति ने 19 जून 2026 को अपनी प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शिकायत को सही पाया।
जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया कि सहायक ग्रेड-02 विनय कुमार कुर्रे का कृत्य कदाचार की श्रेणी में आता है और इससे कलेक्टर कार्यालय की छवि भी धूमिल हुई है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3(ख) का उल्लंघन माना गया। इसके बाद कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
निलंबन अवधि में विनय कुमार कुर्रे का मुख्यालय तहसील कार्यालय साजा नियत किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार, अनियमितता और रिश्वतखोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद अब यह संदेश स्पष्ट माना जा रहा है कि अंतर्जातीय विवाह जैसी संवेदनशील जनकल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों पर प्रशासन सख्त रुख अपनाने को मजबूर हुआ है। वहीं जिले में यह चर्चा भी तेज है कि यदि मीडिया और जनदबाव न बनता, तो शायद यह मामला इतनी जल्दी निर्णायक मोड़ तक नहीं पहुंचता।
पूर्व में लगाए गए यह है खबर जिसका असर - बाबू निलंबित


