बिना फिंगर व पॉश मशीन सत्यापन के खाद वितरण का आरोप, किसान बोला– "मैंने खाद ली ही नहीं, फिर पर्ची कैसे कट गई?"
किसान के अनुसार जब वह थान खम्हरिया स्थित एक निजी खाद दुकान से खाद खरीदने पहुंचा, तब उसे जानकारी मिली कि उसकी किसान आईडी से पहले ही 5 बोरी यूरिया एवं 7 बोरी इफको खाद, कुल 12 बोरी खाद जारी दिखाई जा रही है। किसान का कहना है कि उसने यह खाद कभी प्राप्त ही नहीं की।
पीड़ित किसान ने दावा किया कि उसके पास सोसायटी से जारी खाद वितरण की पर्ची भी है, जबकि उसने स्वयं कभी खाद नहीं निकाली। ऐसे में बिना पॉश मशीन पर फिंगर सत्यापन के खाद वितरण होना गंभीर सवाल खड़े करता है। किसान का आरोप है कि उसके नाम पर फर्जी तरीके से खाद निकालकर सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग किया गया है।
मामले को गंभीर मानते हुए किसान ने संबंधित सोसायटी प्रबंधक के खिलाफ थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराने की पहल की है। किसान का यह भी आरोप है कि इससे पहले भी उसके साथ सोसायटी द्वारा अन्य अनियमितताएं की जा चुकी हैं।
अब इस मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाद किसने निकाली, किसके सत्यापन पर जारी हुई और इस कथित फर्जीवाड़े के लिए कौन जिम्मेदार है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सहकारी समिति की कार्यप्रणाली और खाद वितरण व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा।
