बेमेतरा टाइम्स । जिले को कुपोषण मुक्त बनाने और महिलाओं एवं बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक अभिनव पहल शुरू की है। भारत सरकार की "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" योजना के अंतर्गत 7 जुलाई 2026 से जिले में गंभीर कुपोषित बच्चों तथा गर्भवती एवं एनीमिक महिलाओं के घरों में मुनगा (मोरिंगा) के पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पोषण, स्वच्छता और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर विशेष जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
यह अभियान जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब), महिला एवं बाल विकास विभाग, बेमेतरा द्वारा संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कुपोषित बच्चों, गर्भवती एवं एनीमिक महिलाओं को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना, घर-घर पोषण की उपलब्धता बढ़ाना और जनभागीदारी के माध्यम से कुपोषण को जड़ से समाप्त करना है।
अभियान के तहत विभागीय टीम हितग्राहियों के घरों में मुनगा के पौधे रोपित कर उनके परिवारों को पौधों की देखभाल एवं नियमित उपयोग के लिए प्रेरित कर रही है। साथ ही संतुलित आहार, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा एनीमिया से बचाव के उपायों की भी विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार मुनगा (मोरिंगा) को "सुपोषण का पौधा" कहा जाता है। इसकी पत्तियां, फलियां और फूल प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन-ए, विटामिन-सी, पोटैशियम एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसके नियमित सेवन से कुपोषण एवं एनीमिया में सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, पाचन तंत्र मजबूत होने, रक्तचाप एवं रक्त शर्करा नियंत्रित रखने, हृदय स्वास्थ्य बेहतर बनाने तथा त्वचा और बालों के स्वास्थ्य में भी लाभ मिलता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिलेवासियों से अपने घरों एवं आसपास अधिक से अधिक मुनगा के पौधे लगाने और दैनिक भोजन में इसकी पत्तियों एवं फलियों को शामिल करने की अपील की है। कार्यक्रम में शामिल परिवारों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पोषण संबंधी सुझावों का पालन करने का संकल्प भी लिया।
विभाग का मानना है कि यह अभियान जिले में कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार तथा पोषण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न गांवों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी ऐसे जागरूकता एवं पौधारोपण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
