उर्वरक वितरण में बड़ी अनियमितता पर प्रशासन सख्त : रनबोड़ के महालक्ष्मी कृषि केन्द्र का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित

निरीक्षण में मिलीं कई गंभीर गड़बड़ियां, पीओएस और भौतिक स्टॉक में अंतर, किसानों के हितों से समझौता करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई


बेमेतरा टाइम्स । खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी, तस्करी, डायवर्सन और नकली उर्वरकों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सघन जांच अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत ग्राम रनबोड़ स्थित मेसर्स महालक्ष्मी कृषि केन्द्र के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका उर्वरक प्राधिकार पत्र 15 दिनों के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, 30 जून 2026 को उर्वरक निरीक्षक नवागढ़ द्वारा प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया गया। जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के कई प्रावधानों का उल्लंघन सामने आया। निरीक्षण के दौरान कैश मेमो में किसानों के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, भंडारण एवं विक्रय पंजी अपूर्ण मिले, मासिक जानकारी निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत नहीं की गई तथा दुकान पर उर्वरकों के स्टॉक और विक्रय दर का प्रदर्शन भी नहीं किया गया। इसके अलावा बड़ी संख्या में अन्य जिलों के किसानों को उर्वरक बेचने और पीओएस (POS) स्टॉक व भौतिक स्टॉक में अंतर जैसी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं।

इन अनियमितताओं पर संबंधित प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उर्वरक निरीक्षक एवं सह प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नवागढ़ श्री राकेश कुमार चतुर्वेदी ने प्रतिष्ठान के उर्वरक प्राधिकार पत्र को निलंबित करने की अनुशंसा की।

अनुशंसा के परीक्षण के बाद प्राधिकृत अधिकारी एवं उप संचालक कृषि, जिला बेमेतरा श्री मोरध्वज डड़सेना ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खंड 31 (a) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए मेसर्स महालक्ष्मी कृषि केन्द्र, ग्राम रनबोड़ का उर्वरक प्राधिकार पत्र क्रमांक F2911/2017 को 15 दिनों के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबन अवधि के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान किसी भी प्रकार के उर्वरक के भंडारण, विक्रय अथवा उर्वरक व्यवसाय से जुड़ी गतिविधियों का संचालन नहीं कर सकेगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों के पारदर्शी वितरण को सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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